फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

MP News: पहले पिता ने नाबालिग से महीनों तक किया दुष्कर्म, बचने के लिए प्रेमी के साथ गई तो उसने भी की दरिंदगी

Sun, 22 Sep 2024 11:06 AM IST
उदित दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर

सार

आरोपी पिता के जेल जाने के बाद पीड़िता और उसके तीन छोटे भाइयों की सीहोर के बाल कल्याण गृह द्वारा परवरिश की जा रही थी। न्यायालय के द्वारा दिए गए आदेश पर पीड़िता समेत चारों बच्चों को चाइल्ड लाइन भोपाल भेज दिया है।
विज्ञापन
पीड़िता और उसके छोटे भाइयों को भोपाल चाइल्ड लाइन भेजा गया7 - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में नाबालिग बेटी के साथ उसके पिता ने महीनों तक दुष्कर्म किया। पिता की करतूत से तंग आकर और उससे बचने के लिए पीड़िता ने अपने प्रेमी का सहारा लिया, लेकिन उसे वहां भी धोखा मिला। शादी का वादा कर भगाकर ले गए प्रेमी ने भी उसके साथ दुष्कर्म किया। यह मामला 26 जून का है। पुलिस ने मामले में शामिल आरोपी पिता और प्रेमी को जेल भेज दिया था। वहीं, अब  न्यायालय के निर्देश पर पुलिस ने नाबालिग पीड़िता और उसके तीन छोटे भाई बहनों को परवरिश के लिए चाइल्ड होम भोपाल भेज दिया है। अब तीनों की परवरिश यहीं होगी। 

विज्ञापन


थाना प्रभारी घनश्याम सिंह दांगी ने बताया कि ग्राम खरसानिया निवासी एकपिता ने चार महीने से अधिक समय तक नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म किया था। नाबालिग ने पिता से बचने के लिए पीड़िता ने अपने प्रेमी का सहारा लिया था और उसके साथ घर से भाग गई थी। लेकिन, प्रेमी ने भी इसका फायदा उठाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। इस दौरान नाबालिग ने अपनी जीवन लीला समाप्त करने का भी प्रयास किया, लेकिन वह हिम्मत जुटाकर पुलिस के पास आई और अपनी आप बीती सुनाई थी। नाबालिग ने पुलिस को बताया कि मेरी मां के निधन के बाद वह पिता के साथ रहकर अपना जीवन काट रही थी। लेकिन, पिता ने चार महीने पहले मेरे साथ दुष्कर्म किया। धमकाते हुए उसने कहा कि यदि किसी के सामने मुंह खोला तो तुझे तेरी मां के पास तुझे भेज दूंगा। इसके बाद वह हर दिन मेरे साथ दुष्कर्म करने लगे। ऐसे में पिता से बचने के लिए अपने प्रेमी मोहित पिता गब्बर यादव निवासी जुन्नारदेव जिला छिंदवाड़ा के साथ घर से भाग जाना उचित समझा। 

पुलिस ने पीडि़ता के गायब होने के बाद मोहित को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ पाक्सो एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। पीड़िता की आप बीती सुनने के बाद पुलिस ने आरोपी पिता को भी जेल भेज दिया था। मां के निधन और पिता के जेल जाने के बाद पीड़िता और उसके तीन छोटे भाई के सामने जीवन यापन का संकट खड़ा हो गया था। ऐसे में सीहोर के बाल कल्याण गृह द्वारा उनकी परवरिश की जाती रही थी। बीते दिनों इस मामले में न्यायालय के द्वारा दिए गए आदेश पर पीड़िता समेत चारों बच्चों को चाइल्ड लाइन भोपाल भेज दिया है, जहां उनकी आगे की परवरिश की जाएगी। 

विज्ञापन
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें