सलकनपुर मां विजयासन देवी धाम।
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साढ़े 14 घंटे खुलेंगे माता के द्वार
श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस बार देवी के दर्शन का समय विशेष रूप से बढ़ाया गया है। नववर्ष के दिन सुबह 5:30 बजे मंगला आरती होगी और श्रद्धालु लगभग साढ़े 14 घंटे तक दर्शन कर सकेंगे। मंदिर ट्रस्ट के अनुसार सुबह 8 बजे तक विशेष पूजा-अर्चना संपन्न होगी, जिसके बाद दर्शन सुचारू रूप से जारी रहेंगे।
800 फीट ऊंची पहाड़ी पर विराजमान सिद्धपीठ
सलकनपुर की 800 फीट ऊंची पहाड़ी पर स्थित मां विजयासन देवी का यह सिद्धपीठ वर्षों से चमत्कारों और मान्यताओं के लिए प्रसिद्ध है। मान्यता है कि मां दुर्गा ने रक्तबीज दैत्य का संहार करने के बाद विजयासन रूप में यहां तपस्या की थी। यह स्थल विंध्यवासिनी और विजयासन माता का संयुक्त सिद्धपीठ माना जाता है, जहां भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
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देवी लोक परियोजना दे रही भव्य स्वरूप
मंदिर को भव्य और दिव्य स्वरूप देने के लिए उज्जैन के महाकाल लोक की तर्ज पर ‘देवी लोक’ का निर्माण किया जा रहा है। लगभग 40 करोड़ की लागत से पहला चरण पूर्ण हो चुका है, जबकि 200 करोड़ रुपए की लागत से दूसरा चरण तेजी से प्रगति पर है। उम्मीद है कि यह कार्य वर्ष 2026 के अंत तक पूर्ण हो जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं को और बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।
पुलिस-प्रशासन अलर्ट, चप्पे-चप्पे पर नजर
नववर्ष पर संभावित भीड़ को देखते हुए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। एसडीओपी बुदनी रवि शर्मा, थाना प्रभारी राजेश कहारे और तहसीलदार युगविजय सिंह ने संयुक्त रूप से मंदिर परिसर, मार्ग और पार्किंग व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। एसडीओपी रवि शर्मा ने बताया कि मंदिर परिसर की व्यवस्था, मार्ग व्यवस्था और पार्किंग व्यवस्था का निरीक्षण किया गया। साथ ही दुकान लगाने वाले व्यापारियों से संवाद कर सामान दुकान से आगे ना बढ़ाने, अग्निशमन यंत्र रखने और ज्वलनशील पदार्थ नहीं रखने की हिदायत दी। वाहनों को बीच में नहीं रोकने की भी सलाह दी ताकि ट्रैफिक व्यवस्था सुचारू रूप से चल सके। श्रद्धालुओं को सुविधाजनक तरीक़े से दर्शन हो पाए, इसके बेहतर इंतजाम किए गए हैं।
एक लाख श्रद्धालुओं के आने की संभावना
देवीधाम ट्रस्ट अध्यक्ष महेश उपाध्याय ने बताया कि नववर्ष पर करीब एक लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए ट्रस्ट, पुलिस और प्रशासन के बीच समन्वय बनाया गया है। सीढ़ियों, रोपवे, पार्किंग और यातायात व्यवस्था को दुरुस्त किया गया है, ताकि हर श्रद्धालु को सुरक्षित और सहज दर्शन का अनुभव मिल सके।