रिफंड के लिए नेहा के पिता ने कॉलेज को भेजा ईमेल।
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बेटा, तुम बहुत कमजोर हो, मत जाओ…
पिता ने बताया कि जब से नेहा हॉस्टल गई, उसकी सेहत लगातार गिरती चली गई। अप्रैल से ही उसका वजन कम होना, कब्ज, भोजन न पचना जैसी समस्याएं शुरू हो गई थीं। जुलाई में घर लौटने पर रक्त परीक्षण में गंभीर विटामिन कमी और एनीमिया मिला। अगस्त में वह और कमजोर हो चुकी थी और पिता ने उसे कॉलेज न लौटने की सलाह दी। बेटा, तुम बहुत कमजोर हो, मत जाओ, पिता ने कहा था, लेकिन परीक्षा की वजह से नेहा वापस चली गई। दिवाली पर दोबारा घर आने तक स्थिति बदतर हो चुकी थी।
30 अक्तूबर का फोन, शुरू हुई दर्दनाक दौड़
पिता के अनुसार 30 अक्तूबर को कॉलेज से फोन आया कि नेहा की हालत बेहद खराब है। परिवार उसे तुरंत बिलासपुर लेकर गया। जांच में पता चला कि उसकी आंत में लंबे समय से कब्ज रहने के कारण गंभीर रुकावट (bowel obstruction) बन चुकी थी। सर्जरी से पहले किए गए टेस्ट में खुलासा हुआ कि नेहा को प्रोग्रेसिव ट्यूबरकुलोसिस भी है, जो महीनों से शरीर में बढ़ रहा था। डॉक्टर्स का कहना था कि मई से TB विकसित हो रही थी और खराब भोजन और पोषण की कमी ने स्थिति को और बिगाड़ दिया।
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VIT कॉलेज की छात्रा नेहा। (फाइल फोटो)
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