MP News: सीहोर जिले के उमरदा गांव में पति-पत्नी संदिग्ध हालात में मृत मिले हैं। इस खबर के बाद से पूरे गांव में मातम पसर गया है। तस्वीर में आप देख सकते हैं कैसे टूटी और खराब सड़क पर ग्रामीण शव को कंधे पर लेकर पैदल चल रहे हैं। ग्रामीणों ने टूटी सड़क पर आक्रोश जाहिर किया है।
सीहोर जिले के जनपद पंचायत आष्टा की उमरदा ग्राम पंचायत के भगतपुरा गांव में मंगलवार को सनसनीखेज घटना सामने आई। गांव के सोनू बंजारा (30) नीम के पेड़ पर फांसी से लटके मिले, वहीं उनकी पत्नी ममता बाई (28) घर के अंदर मृत अवस्था में पड़ी मिलीं। इस दर्दनाक घटना से पूरे क्षेत्र में शोक और दहशत का माहौल है। सूचना मिलते ही सिद्धिकगंज थाना पुलिस मौके पर पहुँची और पंचनामा बनाकर दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए आष्टा सिविल अस्पताल भेजा। एसडीओपी आकाश अमलकर ने बताया कि पति ने फांसी लगाई और पत्नी घर में मृत मिली, परंतु ममता की मौत का कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही स्पष्ट होगा। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
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सोनू और ममता अपने बच्चों के साथ अलग रहते थे
परिजनों के अनुसार, सोनू और ममता अपने बच्चों के साथ अलग रहते थे। मंगलवार सुबह जब परिजन घर पहुँचे तो घटना का पता चला। सोनू की बेटी ने अपने चाचा मेहरबान सिंह को खबर दी। मौके पर पहुँचे तो देखा कि सोनू पेड़ से लटका था और ममता मृत पड़ी थी। दोनों को एक साथ मृत देखकर पूरे गांव में मातम छा गया। मृत दंपति अपने पीछे एक बेटा और एक बेटी छोड़ गए हैं। बच्चों को देखकर ग्रामीण व्यथित हैं और उनके भविष्य को लेकर चिंता जता रहे हैं।
टूटी सड़क बनी सबसे बड़ी समस्या
घटना के बाद एक और दर्दनाक स्थिति सामने आई। खराब सड़क के कारण शव वाहन गांव तक नहीं पहुँच पाया। मजबूर होकर परिजनों और ग्रामीणों ने शवों को चारपाई पर रखकर करीब दो किलोमीटर दूर मुख्य सड़क तक कंधे पर ले गए। बरसात के दिनों में यह रास्ता कीचड़ से इतना खराब हो जाता है कि पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है।
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ग्रामीणों ने बताया कि सड़क निर्माण की समस्या को लेकर वे कई बार सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी, विधायक गोपाल सिंह इंजीनियर और जिला कलेक्टर तक गुहार लगा चुके हैं। आवेदन और शिकायतों के बावजूद अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। कई बार प्रसूता महिलाओं को भी चारपाई या झोली में डालकर मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ा है।
बस आश्वासन, सड़क अब तक नहीं बनी
ग्राम सरपंच अमर सिंह बंजारा का कहना है कि पंचायत से लेकर जिला स्तर तक कई बार पत्राचार किया गया, लेकिन नतीजा शून्य रहा। आष्टा विधायक गोपाल इंजीनियर का कहना है कि सड़क प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से स्वीकृत हो चुकी है और बरसात के बाद काम शुरू होगा। हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे आश्वासन वे वर्षों से सुनते आ रहे हैं और अब उनका धैर्य जवाब दे रहा है।