सीहोर के जिला अस्पताल में डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगा है। नवजात शिशु की मौत होने पर परिजनों ने आरोप लगाए हैं कि महिला डॉक्टर मरीजों को प्राइवेट क्लीनिक पर आने को कहती थी। अस्पताल में लापरवाही बरती और नवजात शिशु की जान चली गई।
जिला अस्पताल में महिला के प्रसव के कुछ देर बाद ही नवजात शिशु की मौत हो गई। इसे लेकर परिजनों ने महिला चिकित्सक और अस्पताल प्रबंधन पर आरोप लगाए हैं। कलेक्टर से भी शिकायत कर जांच की मांग की है। शिकायतकर्ता ग्राम बिजोरी में रहने वाली आशा नागर है। उसने बताया कि 18 दिसंबर को उनकी भाभी रितु नागर को जिला अस्पताल में प्रसव के लिए भर्ती कराया गया था। उन्हें लेबर पेन हो रहा था, लेकिन जिला अस्पताल स्थित मेटरनिटी वार्ड में स्टाफ और महिला चिकित्सकों ने उपचार में लापरवाही बरती। सही समय पर प्रसूता का उपचार नहीं किया गया। महिला चिकित्सक निधि अग्रवाल ने कहा था कि प्राइवेट क्लीनिक पर आकर दिखाओ, मैं तुम्हारा सुरक्षित प्रसव करा दूंगी। डॉ. निधि अग्रवाल ने अपने मोबाइल नंबर की पर्ची भी प्रसूता को दी और निजी क्लीनिक पर आने का दबाव डाला। इस मामले में सिविल सर्जन डॉ. प्रवीर गुप्ता ने कहा कि इस संबंध में शिकायत प्राप्त हुई है। दोनों पक्षों को बुलाकर कथन लिए जाएंगे। निष्पक्ष जांच की जाएगी।
डॉक्टर के क्लीनिक नहीं गए इसलिए की लापरवाही
महिला के परिजनों का आरोप है कि जब हम लोग निजी क्लीनिक पर नहीं गए तो उसने उचित उपचार नहीं किया। प्रसूता को दर्द आने के बाद भी ऑपरेशन नहीं किया गया। 22 दिसंबर को प्रसूता का आपरेशन किया गया, तब तक काफी देर हो गई थी। प्रसव के कुछ समय बाद नवजात की मौत हो गई। आशा नागर का आरोप है कि यदि डॉ. निधि अग्रवाल सही समय पर ऑपरेशन कर देती तो यह घटना नहीं होती। इस मामले में आशा नागर ने कलेक्टर से की है। जिला अस्पताल में लगी शिकायत पेटी में लिखित शिकायत भी दी है।