मध्यप्रदेश के सीहोर जिले में चितावलिया हेमा स्थित निर्माणाधीन मुरली मनोहर एवं कुबेरेश्वर महादेव मंदिर में आगामी 16 फरवरी से सात दिवसीय ऐतिहासिक रुद्राक्ष महोत्सव आयोजित होगा। इसमें दुनिया भर के शिवभक्त शामिल होंगे। अगले महीने होने वाले इस महोत्सव को लेकर शहर के सभी होटल, गेस्ट हाउस और धर्मशाला हाउस फुल हैं। साथ ही 16 से 22 फरवरी तक शहर के किसी भी होटल या गेस्ट हाउस में रूम नहीं है।
भागवत भूषण पंडित प्रदीप मिश्रा ने शनिवार को कहा कि हिंदू धर्म का पालन करने वालों में रुद्राक्ष का विशेष महत्व होता है। रुद्राक्ष को भगवान शिव से जोड़ कर देखा जाता है। जो भी व्यक्ति रुद्राक्ष पहनता है, उसके खराब ग्रह सुधर जाते हैं और शुभ फल देने लगते हैं। रुद्राक्ष धारण करने से दिल संबंधित बीमारियां, तनाव, चिंता, ब्लड प्रेशर आदि को नियंत्रित करने में मदद मिलती है। लेकिन इन दिनों धड़ेले से आस्था के नाम से खिलवाड़ किया जाता है।
उन्होंने कहा कि धोखेबाज व्यापारी रुद्राक्ष के नाम पर भद्राक्ष बेचकर लोगों से साथ धोखा कर रहे हैं। गत दिनों हुए रुद्राक्ष महोत्सव के बाद एक अध्ययन में पाया गया है कि देश के अधिकांश धार्मिक स्थानों पर नकली रुद्राक्ष बेचा जा रहा है। उन्होंने कहा कि बाजार में बेचे जा रहे तीन मुखी से नीचे और सात मुखी से ऊपर के ज्यादातर रुद्राक्ष नकली हैं। धाम से मिलने वाले रुद्राक्ष का महत्व काफी है, यह अभिमंत्रित रुद्राक्ष से लोगों की समस्याओं और बीमारियों का समाधान हो रहा है।
दो लाख श्रद्धालुओं के बैठने की व्यवस्था
वहीं, विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी प्रियांशु दीक्षित ने बताया कि इस आयोजन के लिए जोर-शोर से तैयारियां चल रही हैं। कथा के लिए 300x600 फीट का डोम तैयार किया जा रहा है। अनुमान के मुताबिक, करीब दो लाख श्रद्धालुओं के बैठने की व्यवस्था की जा रही है। यदि इससे अधिक श्रद्धालु पहुंचते हैं तो और भी पंडाल लगाए जाएंगे ताकि किसी को भी खुले आसमान के नीचे बैठकर कथा सुनने को मजबूर न होना पड़े। उन्होंने बताया कि फरवरी में ही डोम और पंडाल का काम पूरा कर लिया जाएगा। आयोजन स्थल पर ऐसी तैयारियां की जा रही हैं ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की परेशानी न उठाना पड़े।
चाक-चौबंद व्यवस्था बनाने में जुटा प्रशासन
उन्होंने कहा कि चितावलिया हेमा स्थित निर्माणाधीन मुरली मनोहर एवं कुबेरेश्वर महादेव मंदिर में स्थित कार्यक्रम स्थल तक के रास्ते पर सभी आवश्यक व्यवस्था करने के लिए एसडीएम और पुलिस अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए जा चुके है। कार्यक्रम स्थल पर चाक-चौबंद व्यवस्था के लिए अधिकारियों को कहा गया। उन्होंने बताया कि इस साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु भव्य महोत्सव में शामिल होंगे। जिसको लेकर प्रशासन व्यवस्था बना रहा है। लाखों श्रद्धालुओं के ठहरने आदि की व्यवस्था के अलावा रुद्राक्ष वितरण को लेकर चार दर्जन से अधिक काउंटरों के माध्यम से 24 घंटे सात दिनों तक वितरण किया जाएगा।
राजस्थान-गुजरात के रसोइए बनाएंगे श्रद्धालुओं के लिए भोजन
जानकारी के अनुसार, आगामी भव्य कार्यक्रम में हर रोज लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं का सैलाब आएगा, इसको देखते हुए विठलेश सेवा समिति के द्वारा गुजरात और राजस्थान के रसोईयों की टीम को भोजन बनाए जाने की व्यवस्था के लिए आमंत्रित किया गया है, इसके अलावा अन्य लोकल के लोगों को भी भोजन आदि की व्यवस्था के लिए लगाया जाएगा। इसके लिए करीब 10 एकड़ में भोजशाला का निर्माण किया जाएगा।
100 एकड़ में रहेगी वाहनों के लिए पार्किंग की व्यवस्था
भव्य कार्यक्रम में वाहनों से आने वाले श्रद्धालुओं के वाहनों के पार्किंग की व्यवस्था के लिए 100 एकड़ भूमि की व्यवस्था की गई है, इसके अलावा आस-पास के रिक्त स्थानों पर भी प्रशासन और समाजसेवियों के द्वारा वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था की गई है, जिससे जाम जैसी स्थिति से निजात मिलेगी, इसके अलावा शहर की अन्य कालोनियों सहित अन्य ने भी अपने-अपने सुझाव दिए है।
सातों दिन 24 घंटे किया जाएगा रुद्राक्ष वितरण
रुद्राक्ष वितरण को लेकर चार दर्जन से अधिक काउंटरों के माध्यम से 24 घंटे सात दिनों तक वितरण किया जाएगा इसके लिए करीब 10 एकड़ से अधिक स्थान पर 40 से अधिक काउंटरों से श्रद्धालुओं की लाइन लगाकर वितरण किया जाएगा। जिससे आने वाले श्रद्धालुओं को आसानी से रुद्राक्ष मिल सके।
वाहनों के आने जाने के लिए प्रशासन कर रहा रोड का निर्माण
महोत्सव को लेकर प्रशासन और क्षेत्रवासियों का पूरा सहयोग मिल रहा है। प्रशासन के द्वारा यहां पर आने वाले श्रद्धालुओं के वाहनों के लिए तीन रोड का निर्माण कराया जा रहा है। जिससे आने-जाने की सुविधा होगी, इसके अलावा भी वाहनों के आने-जाने की सुविधान प्रदान की जाएगी। इसका प्रबंधन किया जा रहा है।
आश्रम में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थापन
आगामी दिनों में आश्रम में ही एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थापन की गई है। इस केंद्र से दूर-दूर से कुबेरेश्वरधाम आने वाले व्यक्तियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए, आश्रम में आये व्यक्तियों को कोई छोटी मोटी समस्या जैसे उल्टी, दस्त, हल्का बुखार, बीपी, शुगर आदि होता है तो प्राथमिक चिकित्सा या तात्कालिक उपचार देने के लिए प्राथमिक चिकित्सा केंद्र, प्राथमिक चिकित्सालय स्थापित किया गया है, केंद्र में सुविधा बिल्कुल मुफ्त में प्रदान की जाती है। वहीं दो एंबुलेंस की व्यवस्था भी 24 घंटे फ्री सेवा दे रही है।