जानकारी के मुताबिक कटनी जिले से 48 किमी दूर स्थित रीठी वन परिक्षेत्र का लालपुरा जो चारो तरफ जंगलों से घिरे होने के चलते यहां बड़ी संख्या में सियार मिलते। हालांकि ये सियार 3 से 8 के छोटे-छोटे झुंड में रहकर हमला करते है। लोगों ने बताया की 80 वर्षीय केसर बाई खेत के बीचों बीच बने अपने घर में सो रही थी, तभी अचानक 2 बड़े सियार बाड़ी के रास्ते घुसकर हमला कर दिया।
इस हमले में महिला के चेहरे और पैर का मांस खा गए। बुजुर्ग महिला ने बताया कि उसके हल्ला करते ही घर के और लोग आए और डंडे से मारकर भगाया। हालांकि ये सियार जंगल के रास्ते न जाकर वो गांव में जा घुसे और एक-एक करके और 2 लोगों को शिकार बनाया था। स्थानीय निवासी गीता बाई और अमर सिंह ने बताया घटना के बाद से पूरे गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है।
रात को लोग डंडे लेकर निकलते हैं, खेत और काम में जाते वक्त एक से ज्यादा लोग जाते हैं, अभी भी गांव के पास सियार देखने को मिल जाते है, लेकिन उस दिन के बाद से हमला नहीं किया है। बता दें कि लालपुरा गांव करीब 135 घरों की बस्ती है, जहां 870 लोग निवासरत है। यहां अक्सर सियार घूमते मिल जाते है, लेकिन अचानक हुए हमले के बाद से पूरा गांव सकते में आ गया है। रीठी वन परिक्षेत्र अधिकारी महेश पटेल ने बताया की घटना में सियार के आतंक की जानकारी मिलते ही हमारा वन अमला एक्टिव मोड में आते हुए पिछले 2 दिनों से गश्त बढ़ा दिए है।