जिंदगी से जुड़ी सीवन नदी के गहरीकरण का काम शुरू
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गत दिनों नगर पालिका अध्यक्ष प्रिंस राठौर सहित क्षेत्र के अनेक पार्षदों ने भ्रमण कर इस संबंध में रूपरेखा बनाई थी, अब नपा अध्यक्ष की पहल पर आधुनिक मशीनों के साथ ही नदी के गहरीकरण का कार्य शुरू हो गया है। जेसीबी और पोकलेन मशीन के द्वारा पहले ही दिन बड़ी संख्या में ट्रैक्टर-ट्रॉली से सीवन नदी का मलबा हटाया जा रहा है। नगर पालिका परिषद ने सीवन के गहरीकरण और सौंदर्यीकरण के लिए गत वर्ष ही करोड़ों रुपए की योजना बनाई है। सीवन नदी के गहरीकरण की शुरूआत कराई गई।
शहर के बीच से निकली सीवन नदी लंबे समय से उपेक्षा का शिकार हो रही थी। इसके बाद भी सीवन नदी की तरफ ध्यान नहीं दिया गया। हर साल बारिश के पानी के साथ आने वाली मिट्टी धीरे-धीरे गाद बनकर नदी की गहराई कम होने लगी। उथली होती नदी में जलभराव की मात्रा लगातार कम होती चली जा रही थी, लेकिन इसका ध्यान नहीं गया था। अब वर्तमान परिषद के प्रयास की लोग प्रशंसा कर रहे हैं। कई लोग जनभागीदारी के साथ सहयोग करने को तैयार है, जिससे आगामी दिनों में सीवन नदी का गहरीकरण के साथ सौंदर्यीकरण हो सकेगा।
वर्षों से शहरवासियों की जीवनदायनी पर ध्यान नहीं दिया गया है, परिणाम स्वरूप सीवन नदी पूरी तरह से सूख चुकी है। सीवन की अनदेखी के चलते इस समय पूरी नदी जलकुंभी से पटी है। पानी तो जैसे दिखाई ही नहीं देता है। घाटों की दुर्दशा होती चली गई और नदी कचरे से पट गई। लगातार अनदेखी के चलते वर्तमान में महिला घाट, पुरुष घाट, चद्दर पुल, बकरी पुल के पास जुलकुंभी ही नजर आ रही है।