संभागीय भवन एवं अन्य संनिर्माण मजदूर संघ जिला सीहोर के जिलाध्यक्ष भोलाराम जाटव और जिला महामंत्री देवीराम जाटव द्वारा मृतक मजदूर रुपेश जाटव पिता हुकुम सिंह जाटव के परिजनों को एक करोड़ रुपये की आर्थिक मदद और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की बात कही गई। इसके साथ ही पूरे मामले की मजिस्ट्रेट से जांच कराने एवं बिजली कार्य ठेकेदार अंकूर बघेल, ब्रजेश घाकड़ और लाइनमैन अर्जुन लोधी पर धारा 302 के तहत एफआइआर दर्ज करने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नाम तहसीलदार सिद्धार्थ सिंह को ज्ञापन दिया गया।
क्या था मामला
संभागीय भवन एवं अन्य संनिर्माण मजदूर संघ जिला सीहोर के जिलाध्यक्ष भोलाराम जाटव ने बताया की शहर के कोलीपुरा-झगरिया रोड पर पोल शिफ्टिंग का कार्य चल रहा है। शुक्रवार को पोल शिफ्टिंग के दौरान ठेकेदार की लापरवाही से मजदूर रुपेश जाटव पिता हुकुम सिंह जाटव की बिजली कार्य करते समय मौत हो गई थी। मजदूर की मौत के बाद ठेकेदार अंकूर बघेल, ब्रजेश घाकड़ और हादसे के समय मौके पर मौजूद बिजली कंपनी का लाइनमैन अर्जुन लोधी भाग गए थे।
ठेकेदार के द्वारा बिजली बंद कराने के लिए परमिट नहीं लिया गया था। इसके बावजूद पोल शिफ्टिंग करने वाले ठेकेदार और लाइनमैन ने 11 केवी बिजली लाइन खंभे पर मजदूर रुपेश जाटव को चढ़ा दिया था। बिजली लाइन अचानक चालू होने के कारण शाम करीब 4 बजे रूपेश जाटव को करंट लग गया। मजदूर बिजली के खंभे पर तारों के बीच जलता हुआ दिखाई दिया। मजदूर की लाश लगभग दो घंटे तक बिजली के खंभे पर लटकी रही। ठेकेदार के द्वारा सुरक्षा के किसी प्रकार के इंतजाम के बिना उक्त खतरनाक कार्य मजदूरों से कराया जा रहा था। इस कारण मजदूर की दर्दनाक मृत्यु हो गई।
परिजनों में था आक्रोश
इधर, घटना की सूचना मिलने पर शुक्रवार की रात मजदूर रुपेश जाटव के परिजन सीहोर पहुंच गए थे। इधर संभागीय भवन एवं अन्य संनिर्माण मजदूर संघ प्रदेश प्रभारी प्रवासी प्रदेश महासंघ लीलाकिशन वर्मा द्वारा मजदूर के साथ हुई घटना को लेकर आक्रोश व्यक्त किया है। परिजनों की शिकायत पर कोतवाली पुलिस के द्वारा बिजली कार्य ठेकेदार अंकूर बघेल, ब्रजेश घाकड़ और लाइनमैन अर्जुन लोधी के खिलाफ एफआइआर दर्ज की गई।