पुराने इंदौर-भोपाल हाईवे किनारे स्थित ऑल सेंट्स चर्च क्रिसमस के लिए दुल्हन की तरह सजाया जा रहा है। 187 साल पुराने इस चर्च के निर्माण में करीब 27 साल लगे थे। क्रिसमस पर यहां बड़ी संख्या में समाजजन आते हैं।
जानकारों के मुताबिक ऑल सेंट्स चर्च का निर्माण सन् 1834 में अंग्रेजी हुकूमत के पहले पॉलिटिकल एजेंट जेडब्ल्यू ओसबार्न ने अपने भाई की याद में बनवाया था। यह चर्च भोपाल रियासत का पहला चर्च था। अंग्रेज अधिकारी यहां प्रार्थना करने के लिए आया करते थे। सीवन नदी के किनारे बने इस चर्च में पहली बार 1860 में प्रार्थना की गई थी। तभी से यहां मसीही परिवार प्रार्थना करते आ रहे हैं।
यह चर्च स्कॉटलैंड में बने चर्च को देखकर बनवाया गया था। चर्च के आसपास बांसों के झुरमुट लगाए गए, जिससे कि उसी तरह का वातावरण मिल सके। चर्च की दीवारें लाल पत्थर से बनाई गई हैं, खूबसूरत नक्काशी की गई। बताया जाता है कि 1818 में भोपाल रियासत अंग्रेजी हुकूमत के कब्जे में आ गई और करीब छह साल बाद अंग्रेजी हुकूमत ने यहां सैनिक छावनी बनाई।
1834 में पहले पॉलीटिकल एजेंट के रूप में जेडब्ल्यू ओसवार्न सीहोर आए। उन्होंने चर्च और उसके आसपास के इलाके को सुंदर और हरा भरा बनाया। यह चर्च भोपाल रियासत का पहला चर्च था, इसीलिए इस चर्च में भोपाल और उसके आसपास रहने वाले अंग्रेज अधिकारी अक्सर प्रार्थना के लिए आया जाया करते थे। आज भी क्रिसमस पर यहां की रंगत देखने काबिल होती है। बड़ी संख्या में समाजजन यहां आते हैं।