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सीहोर: स्वास्थ्य मंत्री के प्रभार वाले जिले में एंबुलेंस में लगाना पड़े धक्के, मरीज को दूसरे वाहन से किया रेफर

Sat, 12 Feb 2022 07:40 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर

सार

जिला अस्पताल से भोपाल रेफर हुए मरीज को जिस 108 वाहन में ले जाया जा रहा था वह वाहन कंडम निकला और धक्के लगाने के बाद भी स्टार्ट नहीं हो पाया, हालांकि मरीज को दूसरे वाहन से घंटों बाद भोपाल रेफर किया गया। इस मामले का वायरल वीडियो लापरवाही पी पोल खोल रहा है। मामला शुक्रवार का है।
 
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एंबुलेंस को धक्का लगाते लोग। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जिला अस्पताल से भोपाल रेफर हुए मरीज को जिस 108 वाहन में ले जाया जा रहा था वह वाहन कंडम निकला और धक्के लगाने के बाद भी स्टार्ट नहीं हो पाया, हालांकि मरीज को दूसरे वाहन से घंटों बाद भोपाल रेफर किया गया। इस मामले का वायरल वीडियो लापरवाही पी पोल खोल रहा है। मामला शुक्रवार का है।
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सीहोर जिला अस्पताल में व्याप्त कमियों को लेकर लगातार कई सालों से सवाल खड़े होते आ रहे हैं। शिकायतों के बाद जनप्रतिनिधि और अधिकारी समय-समय पर निरीक्षण करते हैं, लेकिन व्यवस्थाओं में सुधार की बजाए रोजाना एक नई कमी सामने आती रहती है।

शुक्रवार को जिला अस्पताल परिसर के बाहर एक अजीबो गरीब स्थिति उस समय देखने में आई जब 108 वाहन को धक्का लगाने पड़े। बताया जाता है कि शाम करीब 7 बजे एक पीड़ित मरीज को किन्हीं कारणों से भोपाल रेफर किया गया। जिस 108 वाहन से मरीज को रेफर करने की तैयारी चल रही थी। वह वाहन कई बार धक्के मारने के बाद स्टार्ट नहीं हो पाया। हालांकि बाद में मरीज को रेफर करने के लिए एक अन्य वाहन बुलवाया गया और करीब एक घंटे बाद दर्द से कराह रहे मरीज को भोपाल रेफर किया जा सका।
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सोशल मीडिया पर उड़ी व्यवस्थाओं की धज्जियां
अस्पताल में मौजूद कुछ लोगों ने इस घटना का वीडियो बना लिया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इस वीडियो में साफतौर पर एक मरीज को एंबुलेंस में बैठाने के साथ ही 108 वाहन को धक्का लगाते हुई तस्वीर वायरल हुई। इन तस्वीरो के वायरल होने के बाद अस्पताल में व्याप्त कमियों को लेकर लोगों ने अपनी प्रतिक्रियाएं भी दीं। ताज्जुब की बात यह है कि जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी प्रदेश के स्वास्थ्य महकमे के भी मुखिया हैं। निश्चित ही उन्हें इस मामले में संज्ञान लेकर स्वास्थ्य विभाग से जुड़े आला अधिकारियों को तलब करना चाहिए ताकि स्वास्थ्य महकमे में व्याप्त कमियों के कारण हर कभी हो रही सरकार की किरकिरी रुक सकें।
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