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सीहोर: मछुआरे पहुंचे कलेक्ट्रेट, फर्जी सदस्यों को तत्काल हटाने की मांग, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

Tue, 19 Apr 2022 08:23 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर

सार

नवीन मत्स्योद्योग सहकारी समिति के सदस्य जनसुनवाई में पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया है कि मत्स्योद्योग सहकारी समिति आष्टा फर्जी सदस्यों के नाम पर चल रही है।
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नवीन मत्स्योद्योग सहकारी समिति के सदस्य जनसुनवाई में पहुंचे। - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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नवीन मत्स्योद्योग सहकारी समिति के सदस्य जनसुनवाई में पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया है कि मत्स्योद्योग सहकारी समिति आष्टा फर्जी सदस्यों के नाम पर चल रही है। नगरपालिका आष्टा परिषद स्वामित्व का हनुमानगढ़ी लाला, मत्स्य पालन के लिए गैर मछुआरों को पट्टे दे दिए गए हैं। धोखाधड़ी कर अध्यक्ष ने मछुआरों के नाम समिति में दर्ज कर लिए हैं। समिति में रहते हुए भी वास्ताविक मछुआरों को काई लाभ नही दिया जा रहा है।
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बता दें कि मंगलवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे मछुआरों ने गैर मछुआरा ठेकेदार द्वारा मत्स्य निरीक्षक तथा अधिकारी से साठ गाठ करने का आरोप भी लगाया है। मछुआरों ने मुख्यमंत्री के नाम डिप्टी कलेक्टर प्रगति वर्मा को ज्ञापन देकर नवीन मत्स्योद्योग सहकारी समिति को भंग करने और असली मछुआरों को रोजगार उपलब्ध कराकर गैर कानूनी कार्य करने वालों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।

कलेक्ट्रेट पहुंचे मछुआरों ने बताया कि नवीन मत्स्योद्योग सहकारी समिति आष्टा की आष्टा नगरपालिका स्वामित्व का हनुमानगढ़ी तालाब शासन के नियमानुसार आवंटित किया गया है। तालाब में हमें वर्षों से मजदूरी पर मछली पालन का कार्य कर रहे हैं, जबकि भोपाल स्थित मत्स्य विभाग कार्यालय से सूचना के अधिकार अंतर्गत निकलवाई गई सूची में हम सभी सदस्य हैं और ठेकेदारी में पार्टनर हैं। इसके अलावा समिति के अध्यक्ष ने गैरमछुआ समाज की महिलाओं और पुरुषों को भी फर्जी रूप से सदस्य बना दिया है।
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नवीन सहकारी समिति पर गैर मछुआ परिवार का कब्जा होने से असली मछुआरों को कुछ भी लाभ नहीं दिया जा रहा है। जबकि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 20 जनवरी को फर्जी सदस्यों को निकालकर वास्तविक मछुआरे परिवारों को रोजगार देने के निर्देश दिए हैं, लेकिन अब तक इस संबंध में कोई भी कार्रवाई विभाग द्वारा नहीं की गई है। इधर समिति में सदस्य होने के बाद भी असली मछुआरे रोजगार को तरस रहे हैं। ज्ञापन देने वालों में लाखन, मनोज, राजेश, मांगीलाल, राकेश, विजय, बाबूलाल, पूजा, काला, सुनिता, दीना, नीतू, मंजू, पूजा, मालती, रज्जू गोड़, अजय आदि मछुआ समाज के नागरिक शामिल थे।
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