सीहोर कलेक्टर चंद्र मोहन ठाकुर को अपने बीच पाकर बुजुर्गों के चेहरे खुशी से खिल उठे
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सीहोर कलेक्टर चंद्र मोहन ठाकुर को अपने बीच पाकर बुजुर्गों के चेहरों में खुशी की लहर छा गई। दरअसल सीहोर कलेक्टर सेकड़ाखेड़ी स्थित संकल्प वृद्धाश्रम में बुजुर्गों के पास कुछ वक्त बिताने के लिए पहुंचे थे। उन्हें अपने बीच पाकर वरिष्ठजनों ने अपने जीवन के अनुभव उनसे साझा किए।
बुजुर्ग परिवार और समाज की धरोहर
कलेक्टर चंद्र मोहन ठाकुर ने बुजुर्गों को नियमित दिनचर्या अपनाने की सलाह दी, उन्होंने कहा कि वे स्वयं को व्यस्त रखें ऐसा करने से मन में नकारात्मक विचार नहीं आएंगे। स्वस्थ रहने के लिए हर दिन कुछ समय निकालकर पैदल चलें। ठंड से बचने के लिए उन्होंने वृद्धाश्रम में कंबल वितरित किए और वृद्धजनों की लंबी उम्र की प्रार्थना की। सीहोर कलेक्टर ने कहा कि बुजुर्गों के पास अनुभवों का खजाना होता है। उनके अनुभव हमारी सफलता में सीढ़ी का काम करते हैं। वरिष्ठजन समाज और परिवार की अमूल्य धरोहर हैं, उनकी हिफाजत और सेवा करना समाज और परिजनों का दायित्व है। हम सभी को एक दिन वृद्ध होना है। परिजनों को बुजुर्गों को अपने साथ रखना चाहिए ताकि उन्हें वृद्धाश्रम की जरूरत न पड़े, फिर भी यदि वरिष्ठजनों को वृद्धाश्रम में आना पड़े तो उन्हें घर जैसा परिवेश मिले, जहां उनकी देखभाल हो और उन्हें प्यार मिल सके। कलेक्टर चंद्र मोहन ठाकुर ने इफको कंपनी और वृद्धाश्रम संचालक को कंबल वितरित कराने के लिए आभार व्यक्त किया।
नशा मुक्ति केंद्र भी पहुंचे कलेक्टर
वृद्धाश्रम के साथ ही सीहोर कलेक्टर सेकड़ाखेड़ी नशा मुक्ति केंद्र भी पहुंचे जहां उन्होंने नशे की लत को छोड़ने वाले व्यक्तियों से मुलाकात की और उनके नशा मुक्ति की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि नशा न केवल व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक और आर्थिक रूप से कमजोर करता है बल्कि इससे व्यक्ति की समाज में स्थापित मान प्रतिष्ठा भी खत्म हो जाती है। नशा करने वाले व्यक्ति का परिवार भी बिखर जाता है। जब आप नशा मुक्ति केंद्र से अपने घर जाएं तो फिर कभी नशीले पदार्थों का सेवन न करें, मित्रों, संबंधियों और परिचितों के द्वारा किए जा रहे नशे को आग्रह को सम्मान के साथ अस्वीकार कर दें।