एससी-एसटी एक्ट में सुप्रीम कोर्ट द्वारा संशोधन के विरोध में 2 अप्रैल (सोमवार) को भारत बंद के दौरान मध्य प्रदेश के तीन जिलों में हुई जारी हिंसा की घटनाएं नहीं रूक रही हैं। स्थिति के बदतर होने के अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि मंगलवार को कर्फ्यू के बावजूद ग्वालियर, मुरैना और भिंड में तनाव बना रहा। बुधवार को भी हिंसा जारी है। जिसके बाद प्रशासन ने ग्वालियर, मुरैना और भिंड में बुधवार को भी कर्फ्यू जारी रहने के निर्देश दिए।
मध्य प्रदेश के आईजी (लॉ एंड ऑर्डर) मकरंद देउसकर ने बताया कि, "हमने ग्वालियर से 75 लोगों को, भिंड से 50 और मुरैना से 111 लोगों को गिरफ्तार किया है। हम लोगों अभी राजा चौहान को गिरफ्तार नहीं कर पाए हैं। अब तक 236 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।"
भिंड में दो अलग- अलग घटनाओं में कर्फ्यू के बावजूद प्रदर्शनकारियों ने नगरपालिका कार्यालय के बाहर एक दुकान फूंक दी और बीच सड़क पर एक टायर को आग लगा दी। मुरैना में तो मंगलवार को कर्फ्यू के बावजूद लोग सड़कों पर निकले और फायरिंग हुई। सुरक्षा बलों ने रात भर फ्लैग मार्च किया।
आठ मौत इन्हीं तीन जिलों में ही हुई हैं। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने कई स्थानों में रोडवेज बसों, स्कूली वाहनों और बाइक को आग के हवाले कर दिया था।