सतना शहर में एक सनसनीखेज घटना सामने आई है, जहां एक इंजीनियर और उनके साले का दिनदहाड़े अपहरण कर लिया गया। अपहरणकर्ताओं ने दो करोड़ रुपये की फिरौती मांगी और पीड़ितों को जंगल में बंधक बनाकर लूटपाट की। किसी तरह मौके का फायदा उठाकर दोनों ने अपनी जान बचाई और पुलिस तक पहुंचे।
जमीन देखने निकले थे जीजा साले
पीड़ित इंजीनियर प्रदीप त्रिपाठी ने बताया कि अपने साले मयंक चतुर्वेदी के साथ जमीन देखने निकले थे। मनोज कुशवाहा और उसके साथी सिद्धांत व सोनू ने जमीन का बहाना बनाकर उन्हें रैगांव और अमरपाटन ले गए। अमरपाटन पहुंचते ही आरोपियों ने हथियार दिखाकर उन्हें धमकाया और अमानगंज के जंगल में बंधक बना लिया।
जंगल में की आरोपियों ने लूट
पीड़ित के बताए मुताबिक जंगल में पीड़ितों के हाथ-पैर बांध दिए गए और सोने की चेन, दो अंगूठियां, 30 हजार रुपये नकद, और मोबाइल फोन लूट लिए। आरोपियों ने डेबिट और क्रेडिट कार्ड भी छीन लिए और रास्ते में मोबाइल फेंक दिया। फिरौती के तौर पर दो करोड़ रुपये मांगे गए और पैसे न देने पर किडनी बेचकर पैसे वसूलने की धमकी दी।
मौके का फायदा उठाकर भागे बंधक
बंधक बनाए गए दोनों को अमानगंज जंगल के एक टापू पर कमरे में रखा गया। वहां निगरानी के लिए दो लोग तैनात थे। मंगलवार सुबह करीब 5 बजे, जब निगरानी करने वाले सो गए, तब प्रदीप और मयंक जंगल में 7 किमी पैदल चलकर मुख्य सड़क पर पहुंचे। वहां उन्होंने एक ट्रक को रोककर पन्ना जिले के अमानगंज थाना पहुंचे।
अमरपाटन से हुआ अपरहण
सतना पुलिस ने बताया कि सिटी कोतवाली थाना में पीड़ितों को पूछताछ के लिए लाया गया था। घटना अमरपाटन थाना क्षेत्र में हुई इसलिए आंगे की कार्रवाई अमरपाटन पुलिस द्वारा की जाएगी। फिलहाल पुलिस अब एक्टिंग मोड़ पर आ गई है और हर पहलू से मामले की जांच में जुट गई है।