चित्रकूट में बाढ़ का पानी उतरने के बाद प्रशासन ने राहत और पुनर्वास कार्य तेज कर दिए हैं। कलेक्टर और एसपी घर-घर पहुंचकर प्रभावितों से मिले। सफाई, नुकसान के सर्वे और आवागमन बहाली का काम जारी है, जल्द राहत वितरण होगा।
लगातार बारिश और मंदाकिनी नदी के उफान से बने बाढ़ के हालात अब धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं। नदी का जलस्तर कम होने के बाद प्रशासन ने राहत और पुनर्वास कार्यों पर पूरा ध्यान केंद्रित कर दिया है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस और पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह खुद लोगों के घरों तक पहुंचकर प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर रहे हैं और उनका हाल जान रहे हैं।
कलेक्टर और एसपी ने बाढ़ प्रभावित लोगों को भरोसा दिलाया कि संकट की इस घड़ी में प्रशासन उनके साथ खड़ा है। अधिकारियों ने लोगों की समस्याएं सुनीं और कहा कि बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन कर नियमानुसार हर संभव राहत और सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने प्रभावित परिवारों को आश्वस्त किया कि राहत कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होने दी जाएगी।
तबाही के बाद सफाई और सर्वे पर जोर
कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों और मैदानी कर्मचारियों को सफाई व्यवस्था के साथ-साथ नुकसान के सर्वे का काम भी तेज गति से पूरा करने के निर्देश दिए हैं। घरों, दुकानों, सड़कों और अन्य संपत्तियों को हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है, ताकि पात्र प्रभावितों को जल्द राहत राशि उपलब्ध कराई जा सके।
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जल्द शुरू होगा राहत वितरण
चित्रकूट में आई बाढ़ से कई इलाकों में भारी नुकसान हुआ है। ऐसे में प्रशासन के सामने प्रभावित परिवारों तक समय पर राहत पहुंचाने के साथ शहर और ग्रामीण क्षेत्रों की व्यवस्थाओं को जल्द सामान्य करने की चुनौती है। कलेक्टर और एसपी का घर-घर पहुंचकर प्रभावितों से मिलना लोगों के बीच प्रशासन की मौजूदगी और भरोसा कायम करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।