मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPBSE) की 12वीं परीक्षा का परिणाम मंगलवार सुबह 10 बजे सीएम डॉ. मोहन यादव ने जारी कर दिया। सतना की प्रियल द्विवेदी ने मैथ्स-साइंस में 500 में से 492 नंबर हासिल कर प्रदेश में टॉप किया है। प्रियल की इस उपलब्धि के बाद आसपास बधाई देने वालों का तांता लग गया। प्रियल इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और गुरुओं को दिया है। प्रियल ने कहा कि उसका सपना सिविल सर्विसेज में जाने का है, जिसके लिए लगातार मेहनत कर रही हैं। अमर उजाला से बातचीत के दौरान मेधावी छात्रा प्रियल ने अपनी सफलता के पीछे की तैयारियों और मेहनत के बारे में बताया।
रैंक वन हासिल करूंगी उम्मीद नहीं थी
बातचीत के दौरान जब प्रियल से इतनी बड़ी सफलता के पीछे की मेहनत के बारे में पूछा गया तब प्रियल ने बताया कि 'रैंक वन हासिल करूंगी उम्मीद नहीं थी, हां टॉप 10 के अंदर रहूंगी, इतना जरूर विश्वास था। इस सफलता के पीछे बस कड़ी मेहनत है। मैं रोजाना स्कूल जाती थी। होमवर्क समय से करती थी। मैंने NCRT बहुत पढ़ी थी मैंने। पेपर दिया तो इसका फायदा भी मिला। बाकी मेरी इस सफलता का श्रेय माता-पिता और गुरुजनों को जाता है।'
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फिजिक्स में अंक कम रह गए
जब मेधावी प्रियल से पूछा गया कि कौन सा विषय उनको सबसे ज्यादा पसंद है... इस पर प्रियल ने हंसकर बताया कि उनका पसंदीदा विषय तो फिजिक्स है, लेकिन केमिस्ट्री में 100 मार्क्स आए हैं। फिजिक्स में 97 अंक मिले हैं, थोड़े कम रह गए।
लड़कियां ही हर क्षेत्र में आगे जा रही हैं
बातचीत के दौरान 10वीं की टॉपर प्रज्ञा के लिए भी प्रियल ने खुशी जताई। प्रियल ने कहा कि लड़कियां ही हर क्षेत्र में आगे जा रही हैं, बहुत खुशी हो रही है। 10वीं के टॉपर्स की सूची में प्रज्ञा जायसवाल ने 500 में से 500 अंक हासिल कर प्रथम स्थान हासिल किया है।
IAS बनने का है सपना
अमर उजाला से बातचीत करते हुए टॉपर प्रियल द्विवेदी ने बताया कि वह सिविल सर्विसेज की तैयारी करके IAS बनकर देश की सेवा करना चाहती है। प्रियल ने कहा कि वह ज्यादा से ज्यादा समय पढ़ाई को देती हैं। रोजाना रात 2:00 बजे तक पढ़ती थीं। सोशल मीडिया से बिल्कुल भी उनका लगाव नहीं था। यही वजह है कि आज उन्होंने प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल करके न सिर्फ मैहर बल्कि पूरे प्रदेश का नाम रोशन किया है।
पिता ने कहा कहीं पागल न हो जाए बेटी
प्रियल के पिता ने बातचीत करते हुए बताया कि उनकी बेटी जिस तरह से पढ़ाई करती थी। रात-रात भर पढ़ने की वजह से ऐसा लगता था कि कहीं वह पागल न हो जाए। उनके पिता ने यह भी बताया कि मैं उसे पढ़ने के लिए मना करता था, क्योंकि रात दिन बराबर पढ़ाई करना कहीं न कहीं मानसिक स्थिति को भी बिगाड़ सकता था। इसलिए पिता को हमेशा यह डर सताता रहता था कि कहीं उनकी बेटी पढ़-पढ़ कर पागल न हो जाए। हालांकि आज जो परिणाम आया उसे देखकर पिता भी भावुक को उठे और खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा।
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विद्यार्थियों में उत्साह का माहौल
प्रियल कन्या शासकीय उमा विद्यालय, अमरपाटन की छात्रा है। विद्यालय प्राचार्य अनिल सिंह ने बताया कि छात्रों की मेहनत से सतना-मैहर का नाम प्रदेश स्तर पर रोशन हुआ है। पिछले वर्ष 2023-24 में कक्षा 12वीं का परिणाम 63.48% और कक्षा 10वीं का परिणाम 55% रहा था। वर्तमान सत्र का जिले का समग्र डेटा अभी प्राप्त नहीं हुआ है। बोर्ड द्वारा घोषित परिणाम के बाद विद्यार्थियों में उत्साह का माहौल है। प्रियल की इस उपलब्धि के बाद आसपास बधाई देने वालों का तांता लग गया। प्रियल इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और गुरुओं को दिया है। प्रियल ने कहा कि उसका सपना सिविल सर्विसेज में जाने का है, जिसके लिए लगातार मेहनत कर रही है।
विद्यालय परिवार ने मिठाई खिलाकर दी बधाई
शासकीय कन्या विद्यालय अमरपाटन के प्राचार्य फूलचंद साकेत ने बताया कि जब मंगलवार की सुबह 10:00 बजे परीक्षा परिणाम आया तो यह देखकर पूरे विद्यालय की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। विद्यालय में पढ़ने वाली बच्ची ने पूरे प्रदेश का नाम गौरवान्वित किया। खुद मुख्यमंत्री ने भी प्रियल को बधाई दी है। प्राचार्य ने बताया कि प्रियल अन्य बच्चों से अलग थी। वह खुद तो पढ़ाई में ध्यान देती है। साथ ही अन्य बच्चों को भी पढ़ाई के लिए प्रेरित करती थी। आज रिजल्ट आने के बाद विद्यालय परिवार ने प्रियल को विद्यालय में बुलाया और एक दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई दी। इस परिणाम के बाद से पूरे विद्यालय में खुशी का माहौल है। सभी स्टाफ ने प्रियल के उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।