सतना जिले में एक निर्दयी मां ने रात में नवजात को नाले के पास फेंक दिया। रातभर वह भूख से लड़ती रही। दिन में चींटियों ने हमला कर दिया। भरी धूप में कई घंटों पड़ी रहने के बाद लोगों को पता चला। पुलिस ने उसे अस्पताल पहुंचाया, पर वह बच न सकी। पुलिस जांच कर रही है।
मामला सतना जिले के कोठी का है। डॉक्टर्स का कहना है कि नवजात बच्ची की मौत तेज धूप में पड़े रहने से शरीर में ग्लूकोज की कमी, भूख और चींटियों के काटने से हुई है। बालिका का जन्म एक दो दिन पहले ही हुआ था।
बता दें कि कोठी थाना अंतर्गत सतना-चित्रकूट मार्ग पर स्थित एक ढाबे से लगे नाले के पास एक नवजात बालिका लावारिस पड़ी पाई गई थी। सूचना मिलने पर पुलिस उसे कोठी अस्पताल ले गई जहां से उसे जिला अस्पताल सतना रेफर कर दिया गया। वहां उसने दम तोड़ दिया। कोठी थाना पुलिस इस मामले में अज्ञात के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच कर रही है। कोठी थाना प्रभारी भूपेंद्र मणि पांडेय ने बताया कि जब पुलिस वहां पहुंची तब तक मासूम जिंदा थी। हालांकि उसकी हालत बेहद गंभीर थी। उसके शरीर पर चींटियां चिपकी थीं। वह जिस चट्टान पर पड़ी थी वह भी बेहद तप रही थी। संभवतः शुक्रवार को देर रात ही उसे कोई वहां छोड़ गया था। रात भर नवजात वहीं रोती बिलखती पड़ी रही।