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Satna News: आर्थिक तंगी और बेटी के इलाज से परेशान पिता ने की आत्महत्या, प्रशासन पर वादाखिलाफी का आरोप

Tue, 18 Apr 2023 09:22 PM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सतना

सार

सतना शहर में दिल-दहला देने वाली घटना सामने आई है। आर्थिक तंगी और बेटी के इलाज से परेशान पिता ने ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली। बेटी पांच साल पहले सड़क हादसे में दिव्यांग हो गई थी। सारी दौलत बेचकर बेटी का इलाज कराया, मगर बेटी ठीक नहीं हो सकी।
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आत्महत्या - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सतना शहर में ट्रांसपोर्ट नगर निवासी प्रमोद गुप्ता ने रेलवे ट्रैक पर कूदकर आत्महत्या कर लिया। प्रमोद मानसिक अवसाद में जी रहे थे, आर्थिक तंगी और बच्चों के भविष्य की चिंता इतनी भारी पड़ी की ट्रेन की पटरी पर जाकर आत्महत्या कर ली।

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दरअसल, मृतक प्रमोद गुप्ता का परिवार बड़ा है और वे व्यवसाय करते थे। लेकिन एक हादसे ने उन्हें कंगाल बना दिया। मृतक पर राधा गुप्ता, उदय गुप्ता (18), अनुष्का गुप्ता (16), रैना गुप्ता (12) के लालन-पोषण की जिम्मेदारी थी। अनुष्का और भाई उदय सड़क हादसे का शिकार हुए थे। दोनों की जान बच गई, मगर अनुष्का की रीढ़ की हड्डी टूटने से विकलांग हो गई। पिता ने दोनों के इलाज के लिए पूरी जमा पूंजी खर्च कर दी। कर्ज लिए और जमीन जायदाद तक बेच दी। अनुष्का भी हार नहीं मानी और हाईस्कूल में टॉप किया।

सतना जिला प्रशासन ने अनुष्का और उसके परिवार का हौसला अफजाई किया। अनुष्का का सम्मान किया और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। लेकिन फिर किसी ने सुध नहीं ली। पीड़ित परिवार अधिकारियों के दफ्तर के चक्कर काटता रहा। भुखमरी की कगार पर पहुंच गया। आखिरकार जब घर के गैस सिलेंडर भरवाने तक के पैसे नहीं बचे और स्कूल से  बच्चों की फीस न जमा होने पर नोटिस आने लगी तो ये पिता टूट गया और आज आत्महत्या कर ली।

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हादसे में दिव्यांग हुई बेटी - फोटो : अमर उजाला
अब पूरा परिवार सदमे में है और अनुष्का का रो-रो कर बुरा हाल है। अनुष्का पिता की मौत के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन को जिम्मेदार मान रही है। अनुष्का की माने तो सम्मान के दिन बड़े-बड़े वायदे किए गए। गरीबी रेखा का कार्ड, स्मार्ट फोन तक देने और इलाज का खर्च तक देने की बात की, मगर इसके बाद कोई पूछने तक नहीं आया। बल्कि कार्यालय जाने पर गुमराह करते रहे, मजबूरी में पिता दुनिया से रुक्सत हो गए।

बताते चलें, पिता की मौत से पूरा परिवार सदमे में है। घर में चीख पुकार मची हुई है। घटना की सूचना पर पुलिस मर्ग कायम कर जांच पड़ताल कर रही है। डीएसपी ख्याति मिश्रा ने कहा, बेटी ने हौसला दिखाया और कठिन परिस्थितियों में बेड पर लेटे हुए हाईस्कूल का पेपर देकर मेरिट लिस्ट में जगह बनाई थी। जिला प्रशासन ने उसका हौसला अफजाई किया, लेकिन वायदे पूरे नहीं किए। नतीजतन परिवार आर्थिक तंगी में टूट गया और घर के मुखिया ने आत्महत्या कर ली।
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