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MP News: मासूम का शव ले जाने के लिए उपलब्ध नहीं कराया था वाहन, सतना CMHO ने सिविल सर्जन और RMO को थमाया नोटिस

Thu, 29 Jun 2023 10:11 PM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सतना

सार

सतना जिला अस्पताल में इलाज के दौरान सर्पदंश से पीड़ित चार साल की मासूम नियांशी डोहर की मौत के बाद उसका शव ले जाने के लिए शव वाहन उपलब्ध नहीं कराया गया था। मामले में सरकारी सिस्टम और संवेदनशीलता पर सवाल उठे तो प्रशासन भी हरकत में आया।
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शव ले जाने के लिए उपलब्ध नहीं कराया था वाहन - फोटो : अमर उजाला
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सतना जिले में सर्पदंश से मासूम की मौत के बाद उसका शव ले जाने के लिए वाहन उपलब्ध न कराए जाने के मामले को प्रशासन ने संजीदगी से लिया है। कलेक्टर ने इस मामले में जहां नाराजगी जताई है। वहीं, सीएमएचओ ने सिविल सर्जन और आरएमओ को नोटिस थमा दिया है।

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सीएमएचओ डॉ एलके तिवारी ने इस मामले में सरदार वल्लभ भाई पटेल जिला अस्पताल के सिविल सर्जन और आरएमओ को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। सीएमएचओ ने पूछा है कि मानवीय दृष्टिकोण को ध्यान में रख कर रोगी कल्याण समिति के मद से किराए पर शव वाहन उपलब्ध कराने का प्रबंध आखिर क्यों नहीं किया गया। जबकि पहले भी इस संबंध में स्पष्ट निर्देश दिए जा चुके हैं कि असहायों और गरीबों को शव वाहन उपलब्ध न हो पाने की दशा में उन्हें रोगी कल्याण समिति से किराए पर यह सुविधा दी जानी है। सीएमएचओ ने शव ले जाने के लिए वाहन न दिए जाने पर जवाब-तलब करते हुए भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न होने की हिदायत भी दी है।

बता दें कि मंगलवार की रात जिला अस्पताल लाई गई सर्पदंश पीड़िता नियांशी की मौत हो गई थी। सुबह उसका शव ले जाने के लिए उसके परिजनों को शव वाहन उपलब्ध नहीं कराया जा सका। उनकी आर्थिक स्थिति भी ऐसी नहीं थी कि वे किराए पर वाहन कर के शव को ले जा सकें। नतीजतन शव को गोद में उठाकर बाइक पर सतना से लगभग 30 किमी दूर डांडी टोला जैतवारा ले जाना पड़ा। इंसानियत को शर्मसार करने वाली यह घटना कलेक्टर अनुराग वर्मा के संज्ञान में आई तो उन्होंने सख्त नाराजगी जताते हुए सीएमएचओ को इस मामले में कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
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विवाह समारोह के दौरान वरमाला के स्टेज पर पहुंची पुलिस...
सतना में बिरसिंहपुर कस्बे में आयोजित एक विवाह समारोह के दौरान वरमाला के स्टेज पर पुलिस पहुंच गई। यह देख मौजूद बारातियों और घरातियों के होश फाख्ता हो गए। हालांकि पुलिस वहां धर्मांतरण की कोशिश की सूचना पर पहुंची थी लेकिन उड़े हुए चेहरों को देख जब पुलिस का संदेह गहराया तो पता चला कि वहां एक नाबालिग लड़की की शादी की तैयारी थी। पुलिस ने शादी रोकी और दूल्हे समेत बारातियों को थाना ले आई।

सभापुर थाना पुलिस ने मंगलवार की रात बिरसिंहपुर कस्बे के वार्ड नंबर 9 में चल रहे एक शादी समारोह के दौरान दबिश देकर एक 13 वर्षीय नाबालिग लड़की की शादी रुकवा दी। पुलिस ने वहां उस वार्ड की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को बुलवाया और फिर लड़की की उम्र की तस्दीक करवाई। लड़की की जन्मतिथि के प्रमाण के तौर पर जब उसका आधार कार्ड पेश किया गया तो उसमें उसकी जन्मतिथि वर्ष 2010 की निकली। पुलिस 32 वर्षीय दूल्हे समेत बारात में आए सभी 13 लोगों को पकड़ कर थाना ले आई।

बताया गया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि यहां धर्म परिवर्तन का काम चल रहा है। सभापुर थाना प्रभारी जब वहां पहुंचे तो पंडाल और स्टेज देख कर उन्होंने पूछताछ शुरू की। पता चला कि वहां धर्मांतरण नहीं बल्कि शादी हो रही है। उस वक्त वरमाला डालने की तैयारी चल रही थी तभी लड़की के नाबालिग होने की बात सामने आ गई।

बताया जाता है कि कोल परिवार ने अपनी 13 वर्षीय बेटी की शादी छिंदवाड़ा में तय की थी। मंगलवार को छिंदवाड़ा के लावा घोंघरी थाना क्षेत्र के सावरी बाजार से आई थी। दूल्हे की उम्र 32 साल थी जबकि दुल्हन की उम्र महज 13 वर्ष थी। पुलिस ने शादी रुकवाने के बाद दूल्हे और उसके साथ आए बारातियों समेत 13 लोगों को थाना ले आई। हालांकि पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया जबकि नाबालिग लड़की की शादी करा रहे पिता को भी सख्त हिदायत दी गई।

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