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संत रविदास जयंती आज: सीएम भोपाल में कार्यक्रम में वर्चुअली शामिल होंगे, कमलनाथ सागर में जनसभा को संबोधित करेंगे 

Wed, 16 Feb 2022 09:27 AM IST
अंकिता विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

संत रविदास जयंती पर आज मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भोपाल में आयोजित कार्यक्रम में वर्चुअली शामिल होंगे। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ रविदास महाराज की जयंती पर सागर के कजलीवन मैदान में बड़ी जनसभा को संबोधित करेंगे। 
 
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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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मध्य प्रदेश में संत रविदास जयंती पर बुधवार को सभी ग्राम पंचायतों पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान कोरोना पॉजिटिव होने के चलते भोपाल में आयोजित कार्यक्रम में वर्चुअली शामिल होंगे। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ रविदास महाराज की जयंती पर सागर के कजलीवन मैदान में बड़ी जनसभा को संबोधित करेंगे। 
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प्रदेश में भाजपा और कांग्रेस दोनों को ही दलित वोटरों की याद आ गई है। इसलिए आदिवासियों के बाद दोनों ही दल दलित वोटर्स को साधने में लग गए है। दोनों ही राजनीतिक दल का फोकस अब दलितों की 16 प्रतिशत आबादी पर है। यहीं कारण है कि भाजपा इस वोट बैंक को साधने के लिए राज्य, जिला, विकासखण्ड से लेकर ग्राम पंचायत तक कार्यक्रम आयोजित कर रही है।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भोपाल में पहले राज्य स्तर के कार्यक्रम में भेल क्षेत्र में स्थित संत रविदास मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने वाले थे, लेकिन एक दिन पहले कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद अब वह वर्चुअली कार्यक्रम में शामिल होंगे। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ सागर में दोपहर में रविदास जयंती पर आयोजित बड़ी जनसभा को संबोधित करेंगे। यह सभा सागर के छावनी परिषद के कजली वन मैदान में आयोजित होगी। साथ ही कांग्रेस की तरफ से ब्लॉक स्तर पर कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।  
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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोशल मीडिया के जरिए जानकारी दी - फोटो : सोशल मीडिया

यह है अनुसूचित जाति वोट का गणित 
प्रदेश में अनुसूचित जाति के लिए 230 सीट में से 35 सीटें आरक्षित हैं। वर्ष 2013 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को 28, कांग्रेस को 4 और बसपा को 3 सीटों पर जीत मिली थी। वहीं, 2018 के चुनाव में भाजपा सिर्फ 18 सीटों पर ही जीत सकी। जबकि कांग्रेस ने 16 सीटें जीत लीं और एक बीएसपी के खाते में गई। उपचुनाव 2020 के बाद भाजपा के पास 35 में से 23, कांग्रेस 22 और बीएसपी के पास 1 सीट है। अब दोनों ही पार्टियों की तरफ से दलित वोटरों को रिझाने का प्रयास किया जा रहा है।
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