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Sagar: टाइगर रिजर्व में दो बाघ सक्रिय, वन विभाग ने दूर किया भ्रम, वनकर्मी पर हमला करने वाले शावक की हुई पहचान

Wed, 08 Jul 2026 08:26 AM IST
सागर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सागर

सार

मध्य प्रदेश के सागर स्थित वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व में बाघों की गतिविधियों को लेकर वन विभाग ने बड़ा खुलासा किया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि रिजर्व क्षेत्र में एक नहीं, बल्कि दो अलग-अलग बाघ सक्रिय हैं।
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(प्रतीकात्मक फोटो) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मध्य प्रदेश के सागर जिले स्थित वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व में पिछले कुछ दिनों से बाघों की गतिविधियों को लेकर फैली आशंकाओं के बीच वन विभाग ने बड़ा खुलासा किया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि रिजर्व क्षेत्र में एक नहीं, बल्कि दो अलग-अलग बाघ सक्रिय हैं। तकनीकी जांच, कैमरा ट्रैप और पगमार्क के आधार पर यह भी पुष्टि की गई है कि हाल के दोनों हमलों में अलग-अलग बाघ शामिल थे। इस खुलासे के बाद वन विभाग ने अफवाहों पर विराम लगाते हुए इलाके में निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है।
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वनकर्मियों पर हमले के बाद शुरू हुई सघन तलाश

दरअसल, 5 जुलाई 2026 को मोहली परिक्षेत्र में गश्त कर रहे दो वनकर्मियों पर अचानक एक बाघ ने हमला कर दिया था। इस हमले में वन श्रमिक बाबूलाल रैकवार गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनका उपचार जारी है। घटना के बाद वन विभाग ने हमलावर बाघ की पहचान के लिए हाथियों की मदद से पूरे क्षेत्र में सघन कॉम्बिंग अभियान शुरू किया।

सर्चिंग के दौरान दिखाई दिया हमले का संदिग्ध शावक

तलाशी अभियान के दौरान 7 जुलाई की सुबह महावत को घटनास्थल के पास एक बाघ का शावक दिखाई दिया। वनकर्मियों के बयान और मौके से मिले पगमार्क के आधार पर वन विभाग का मानना है कि वनकर्मियों पर हमला करने वाला यही शावक हो सकता है।
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कैमरा ट्रैप और बाघ गणना से हुआ बड़ा खुलासा

वन विभाग के अनुसार, इस शावक की तस्वीर नवंबर 2025 में कैमरा ट्रैप में भी दर्ज हुई थी। उस समय उसकी उम्र लगभग 9 से 12 महीने आंकी गई थी, जो अब बढ़कर करीब 15 से 18 महीने हो चुकी है। इसी बीच कुछ दिन पहले पटना मोहली गांव में भी एक बाघ के हमले में एक ग्रामीण घायल हुआ था। स्थानीय लोग दोनों घटनाओं को एक ही बाघ से जोड़कर देख रहे थे।

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दोनों घटनाओं में शामिल थे अलग-अलग बाघ

वन विभाग ने अखिल भारतीय बाघ गणना 2025 के दौरान लिए गए फोटोग्राफ और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का मिलान किया। जांच में स्पष्ट हुआ कि वनकर्मियों पर हमला करने वाला बाघ और ग्रामीण पर हमला करने वाला बाघ अलग-अलग हैं। विभाग ने आधिकारिक रूप से पुष्टि की है कि वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व में फिलहाल दो अलग-अलग बाघ सक्रिय हैं।
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संवेदनशील इलाकों में बढ़ाई गई निगरानी

इस खुलासे के बाद वन विभाग ने रिजर्व के संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी और गश्त बढ़ा दी है। वनकर्मियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही आसपास के ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे अकेले जंगल की ओर न जाएं और किसी भी संदिग्ध वन्यजीव गतिविधि की सूचना तुरंत वन विभाग को दें। विभाग का कहना है कि लोगों और वन्यजीवों दोनों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लगातार निगरानी रखी जा रही है।

 

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