लोगों को एयर एंबुलेंस, मंगल और चांद पर जाने के सपने दिखाए जा रहे हैं। इसके उलट सागर जिले के खुरई तहसील की ग्राम पंचायत भीलोन के गांव खिरिया थान सिंह से विकास की हकीकत बता रही एक तस्वीर सामने आई है। जहां 58 साल की महिला की मौत के बाद गांव से श्मशान घाट तक एक किमी का रास्ता कीचड़ से होकर जाता है।
बता दें कि ग्रामीणों को शव यात्रा ले जाने में काफी परेशानी होती है और इस समस्या को लेकर गांव के लोग कई बार सरपंच से मांग कर चुके हैं। लेकिन आज तक कोई सुधार कार्य नहीं हो सका है।जानकारी के अनुसार, खिरिया थान सिंह गांव में रहने वाली रतिबाई पति ब्रजलाल अहिरवार (58) की मौत हो गई। महिला की शव यात्रा गांव से श्मशान घाट जाने के लिए जब निकली तो सारे रास्ते में कीचड़ और फिसलन थी। इस कारण से शव यात्रा ले जाने में ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
मृतिका के बेटे बिहारीलाल अहिरवार ने बताया कि बारिश के मौसम में यह हर साल की कहानी है। गांव से श्मशान घाट तक शव यात्रा ले जाना किसी संघर्ष से कम नहीं होता है। सरपंच से कई बार बोलने के बाद भी हम लोगों की समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। श्मशान घाट तक कीचड़ भरे रास्ते से होकर जाना पड़ता है। ऐसे में कई बार लोग कीचड़ में भी गिर जाते हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि गांव की करीब 400 की आबादी है। यहां लोग बारिश के समय अंतिम संस्कार के लिए परेशान होते हैं। हम लोग भगवान से प्रार्थना करते हैं कि बारिश के मौसम में किसी की भी मौत न हो। सरपंच से जब भी बोलो तो कोई संतोष जनक जवाब नहीं मिलता है। हर बार सरपंच केवल आश्वासन दे देते हैं, लेकिन काम आज तक नहीं हुआ है।
वहीं, इस मामले की जानकारी लगने पर खुरई जनपद सीईओ मीना कश्यप ने बताया कि जानकारी मिली है कि खिरिया थान सिंह गांव से मुक्तिधाम जाने का पक्का रास्ता नहीं है। इस मामले की जानकारी लेकर जल्द से जल्द ग्रामीणों की समस्या का समाधान किया जाएगा।