सड़क दुर्घटना में क्षतिग्रस्त बाइक
नेशनल हाईवे 44 पर सागर-ललितपुर मार्ग पर रफ्तार का खूनी खेल थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार को हनुमान जयंती पर मंदिर से दर्शन कर लौट रहे बाइक सवार एक परिवार को तेज रफ्तार कंटेनर ने टक्कर मार दी। इस हादसे में बाइक सवार मां-बेटी की मौत हो गई, वहीं पिता गंभीर घायल हो गया।
इस हादसे का मंजर इतना खौफनाक था कि जिसने भी देखा उसकी रूह कांप उठी। राजा राजपूत अपनी पत्नी और बेटी के साथ बाइक से अमझरा घाटी मंदिर से दर्शन कर मालथौन लौट रहे थे। तभी थाने के पास पीछे से आ रहे एक अंधी रफ्तार कंटेनर ने उनकी बाइक को बेरहमी से रौंद दिया। हादसे में बाइक सवार रश्मि राजपूत (पति दीपक सिंह राजपूत) और सरोज (पति राजा राजपूत, उम्र 55 वर्ष) की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं राजा सिंह राजपूत गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तत्काल मालथौन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है।
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बस्ती के बीच 'डेथ ट्रैप' बना ढलान मार्ग
बता दें कि मालथौन हाईवे के दोनों किनारों पर घनी रहवासी बस्ती है। टोल प्लाजा से सिविल न्यायालय तक का पूरा मार्ग तीव्र ढलान पर है, जहां वाहन बेकाबू गति से दौड़ते हैं। विडंबना यह है कि घटनास्थल से महज कुछ मीटर की दूरी पर पुलिस थाना, हनुमान मंदिर, सरकारी विश्राम गृह और खुरई-बीना को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग है, जहां हर वक्त लोगों की भारी आवाजाही रहती है। इसके बावजूद, इस घोषित 'ब्लैक स्पॉट' पर सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं।
जनता की चीखें, प्रशासन बेअसर
यह पहली बार नहीं है जब मालथौन की सड़कें लहूलुहान हुई हैं। पिछले दो साल में स्थानीय जनता और कई सामाजिक संगठनों ने इस ढलान पर गति सीमा तय करने, रंबल स्ट्रिप्स लगाने और बायपास की व्यवस्था करने की मांग को लेकर आवाज उठाई है। लेकिन हर बार प्रशासन के कोरे आश्वासनों के बाद मामला ठंडे बस्ते में चला जाता है।