डॉक्टर हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय सागर के कैंपस में रहने वाले विश्वविद्यालय के कर्मचारी और प्रोफेसर्स सहित हॉस्टल में रहने वाले छात्र-छात्राएं इन दिनों सहमे हुए हैं। वजह है यहां घूमने वाला तेंदुए का परिवार।
गौरतलब है कि बीते सोमवार को विश्विद्यालय कैंपस में एक तेंदुआ चहलकदमी करता दिखा था, जिसका वीडियो हॉस्टल में रहने वाले एक छात्र ने बना लिया था। वीडियो के वायरल होते ही विश्विद्यालय में हड़कंप मच गया था। आनन-फानन में वन अमले को सूचना दी गई और सूचना पर वन विभाग की ओर से पुष्टि की गई कि यहां एक मादा तेंदुआ अपने दो शावकों के साथ घूम रही है। वन अधिकारियों ने कैंपस के रहवासियों सहित अन्य लोगों को सतर्क रहने के लिए ताकीद किया।उसके बाद विश्विद्यालय प्रशासन ने कैंपस में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी। विश्विद्यालय के सुरक्षा गार्ड वन विभाग के अमले के साथ लगातार पेट्रोलिंग कर रहे हैं। तेंदुओं से सतर्क रहने संबंधी फ्लैश और पोस्टर जगह-जगह लगाए गए हैं।
कैंपस की सुरक्षा में चूक, कई जगह टूटी है फेंसिंग
विश्वविद्यालय के आसपास जंगल होने के कारण अक्सर यहां तेंदुए की उपस्थिति देखी जाती है।लेकिन इसको लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन सतर्क एवं सावधान नहीं है। विश्वविद्यालय की बाउंड्री वॉल एवं तार फेंसिंग कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त है। ऐसे में कोई भी जंगली जानवर किसी भी व्यक्ति पर हमला कर सकता है। लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा कि तार फेंसिंग एवं बाउंड्री वॉल की मरम्मत कराई जानी चाहिए। तेंदुआ विचरण क्षेत्र का बोर्ड लगाकर विश्वविद्यालय अपने कर्तव्य से बचना चाह रहा है। लेकिन हकीकत है कि विश्वविद्यालय प्रशासन को ही विद्यार्थी एवं आम लोगों की सुरक्षा के लिहाज से कदम उठाने चाहिए। आसपास टूटी-फूटी बाउंड्री वॉल एवं जाली का सुधार कार्य शीघ्र कराया जाना चाहिए।
इस विषय में विश्विद्यालय के मीडिया अधिकारी डॉक्टर विवेक जायसवाल से पूछा गया तो उनका कहना है कि विश्वविद्यालय कैंपस की बाउंड्री वॉल तथा फेंसिंग में कहां-कहां टूट-फूट है। उनकी जानकारी जुटाकर ऐसे स्थानों को चिन्हित कर सुधार कार्य कराया जाएगा। इसके अलावा तेंदुए की सूचना पर विश्विद्यालय के सुरक्षा गार्ड को मुस्तैद किया गया है। कैंपस में निवास करने वालों को सतर्कता बरतने को कहा गया है।