गणेश उत्सव के दौरान मांस और अंडा की बिक्री पर रोक लगाए जाने को चुनौती देते हुए मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई थी। याचिका में कहा गया था कि नोटिफिकेशन में इस बात का उल्लेख नहीं किया गया है कि किस नियम के तहत रोक लगाई गई है। याचिका की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैत तथा जस्टिस विशाल जैन की युगलपीठ ने अनावेदकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
बता दें कि सागर जिले के बीना तहसील निवासी टिंबर व्यापारी वीरेन्द्र अजमानी की तरफ से दायर याचिका में कहा गया था कि मुख्य नगर पालिका अधिकारी बीना ने सात सितंबर को नोटिफिकेशन जारी किया था। नोटिफिकेशन में गणेश उत्सव के दौरान मांस-अंडे की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया गया था। इसके अलावा यह भी चेतावनी दी गई थी कि आदेश के बावजूद भी कोई बिक्री करता है तो उसके खिलाफ दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी।
याचिका में कहा गया था कि नोटिफिकेशन में इस बात का उल्लेख ही नहीं किया गया है कि किस नियम के तहत प्रतिबंध लगाया जा रहा है। इसके अलावा इस तरह का आदेश पारित करना संवैधानिक अधिकारों के खिलाफ है। याचिका में प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव, कलेक्टर सागर तथा सीएमओ बीना को अनावेदक बनाया गया था। युगलपीठ ने सुनवाई के बाद आवेदकों को नोटिस जारी कर एक सप्ताह में जवाब मांगा है। याचिका पर अगली सुनवाई 22 अक्तूबर को निर्धारित की गई है। याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता तनिष्क अजमानी ने पैरवी की।