फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sagar: सागर विश्वविद्यालय में बनेगा शौर्य, संस्कृति व कला का संग्रहालय, कुलपति की अध्यक्षता में हुई बैठक

Sat, 28 Sep 2024 06:28 PM IST
सागर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सागर

सार

MP: डॉक्टर हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय द्वारा सागर में शौर्य, संस्कृति एवं कला संग्रहालय का निर्माण कराया जायेगा। इस संबंध में विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित हुई।
विज्ञापन
बैठक - फोटो : अमर उजाला डिजिटल
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

डॉक्टर हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय द्वारा सागर में शौर्य, संस्कृति एवं कला संग्रहालय का निर्माण कराया जायेगा। इस संबंध में विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित हुई।

विज्ञापन

बैठक में भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय से संबद्ध महार रेजीमेंट के बिग्रेडियर आई.एस भल्ला, बिग्रेडियर विकास बहुगुणा, कर्नल ए. जे. पॉल उपस्थित थे। बैठक में कुलपति ने विश्वविद्यालय में स्थापित होने वाले संग्रहालय की वृहद् कार्ययोजना पर प्रकाश डालते हुये कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य एक संग्रहालय को स्थापित करना है जो शौर्य, संस्कृति और कला का अद्भुत केंद्र बने।   

संग्रहालय में डॉ. गौर उनका जीवन दर्शन, उनका साहित्य और उनके योगदान पर केंद्रित कक्ष एवं डिस्प्ले गैलरी बनाई जायेगी। इसी के साथ ही भारतीय थल सेना, जल सेना एवं नभ सेना के शौर्य को प्रदर्शित करती हुई सामग्री भी प्रदर्शनी के लिए रखी जायेंगी।
विज्ञापन


वीर जवानों की स्मृतियां सहेजी जाएंगी
भारतीय वीर जवानों के शौर्य एवं बलिदान को प्रदर्शित करते हुए कॉरिडोर का निर्माण किया जाएगा जिसमें सागर, बुंदेलखंड एवं मध्य प्रदेश के बलिदानी वीर जवानों की स्मृति को भी सहेजा जाएगा। बैठक में यह भी निर्णय हुआ कि जनजातीय संस्कृति पर आधारित प्रदर्शनी एवं सामग्री भी संग्रहालय में स्थित होंगी। मानव विकास के सोपानों एवं आदिवासी एवं जनजातीय इतिहास एवं संस्कृति को जानने-समझने के लिए यह महत्वकांक्षी योजना है। जनजातीय नायकों, उनके संघर्ष, योगदान एवं बलिदान को भी संग्रहालय में स्थान दिया जाएगा। इसके साथ ही बुंदेलखंड की लोक कला, संस्कृति, पारंपरिक वाद्य यंत्र, देशज परंपरा से सम्बंधित जानकारी एवं सामग्री भी प्रदर्शित की जायेगी।

रखे जायेंगे सैन्य साजो सामान
महार रेजीमेंट एवं भारतीय सेना के विभिन्न शाखाओं के सहयोग से संग्रहालय में प्रदर्शनी हेतु टैंक, एयरक्राफ्ट एवं सेना के जहाज एवं अन्य सैन्य सामग्री भी प्रदर्शनी के लिए रखी जायेगी। संग्रहालय में देश की रक्षा में तत्पर तीनों विंग की संरचना एवं रैंक की जानकारी प्रदर्शित की जायेगी। देश की रक्षा के लिए मिलने वाले विभिन्न अवार्ड एवं पदकों की जानकारी के प्रदर्शन के साथ भारतीय सेना की विभिन्न इकाईयों में रोजगार के अवसरों के बारे में भी जानकारी प्रदर्शित की जायेगी।

परमवीर चक्र, अशोक चक्र एवं अन्य वीरता पदकों की रिप्लिका भी लगाईं जायेंगी, जिससे युवाओं को अपनी सेना के बारे में पूरी जानकारी मिल सकें और देश सेवा के लिए प्रेरणा एवं ऊर्जा मिल सके। आजाद भारत के बाद के विभिन्न युद्धों एवं वीरता की गाथाओं जैसे 1965 का भारत-चीन युद्ध, 1972 का पाकिस्तान के साथ युद्ध, कारगिल युद्ध आदि को प्रदर्शित किया जाएगा। सागर एवं बुंदेलखंड का इतिहास, भारत की आजादी में उनके योगदान को रेखांकित करते हुए हमारे जननायकों की गाथाओं को भी इस संग्रहालय में स्थान दिया जाएगा। बैठक में डॉ. संजय शर्मा द्वारा पावर पॉइंट प्रजेंटेशन दिया गया, जिसमें विभिन्न स्थलों के निर्माण योजना एवं रूपरेखा पर चर्चा हुई। बैठक के उपरांत कुलपति एवं सभी अतिथियों एवं सदस्यों ने संग्रहालय हेतु आरक्षित भवन का निरीक्षण भी किया गया।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें