सागर में नीलेश ने आत्महत्या कर ली। इससे पहले उसने पुलिस को झूठी FIR को लेकर शपथ पत्र दिया था।
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सागर जिले के मालथौन में पिछले दिनों अतिक्रमण को लेकर चले राजनीतिक घटनाक्रम में नया मोड़ आया है। इस मामले से जुड़े शिकायतकर्ता आदिवासी ने फंदा लगाकर जान दे दी है। उसकी पत्नी ने मालथौन के ही कुछ लोगों द्वारा मृतक को आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने का आरोप लगाया है। पत्नी ने पुलिस अधीक्षक से इसकी शिकायत की है।
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बता दें कि शुक्रवार को बड़ा मोहल्ला मालथौन निवासी 36 वर्षीय नीलेश आदिवासी ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इसके बाद उसकी पत्नी रेवा ने आरोप लगाते हुए बताया कि उसके पति नीलेश को राघवेंद्र परिहार, नितिन उर्फ निक्की जैन, अजीत राय व अन्य लोग परेशान कर रहे थे। उसकी जमीन पर डॉ. मनोज जैन ने कब्जा किया है। उनकी रिपोर्ट लिखवाने के बहाने से नीलेश को तीनों लोग अपने साथ लेकर गए थे। जहां उन्होंने नीलेश को पहले शराब पिलाई और थाने ले जाकर उसके नाम से एफआईआर करवाई और नीलेश सहित परिवार को इंदौर भेज दिया। इसी दौरान नीलेश को पता चला कि उसके नाम से गोविंद सिंह राजपूत मालथौन के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराई है। नीलेश इंदौर से वापस आया, जहां उसने सागर अजाक्स थाना और एसपी कार्यालय में गोविंद पर दर्ज झूठी एफआईआर को समाप्त करने के लिए बयान दिए। रिपोर्ट वापस लेने के बाद झूठी एफआईआर करवाने वाले नीलेश पर दबाव बनाने लगे। इसी बीच वह नीलेश को एक दिन खुरई लेकर गए, जहां दोबारा एफआईआर कराने का दबाव बनाया गया। इसी से तंग आकर उसने खुदकशी कर ली। इस मामले में पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जाएगी और उसके आधार पर कार्रवाई होगी।
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