पुलिस ने ऑटो ड्राइवर के यहां से कैश बरामद किया गया था।
सागर शहर के गोपालगंज थाना क्षेत्र में ऑटो चालक के मकान से तीन करोड़ रुपये से अधिक की नकदी बरामदगी का मामला लगातार उलझता जा रहा है। जब्ती के दो दिन बीत जाने के बाद भी अब तक किसी आयकर या वित्तीय जांच एजेंसी की टीम सागर नहीं पहुंची है, जिससे इस हाई-प्रोफाइल मामले में सस्पेंस गहरा गया है।
बयानों के विरोधाभास में उलझी गुत्थी
पुलिस ने सूचना के आधार पर ऑटो चालक सौरभ अहिरवार के घर दबिश देकर यह रकम जब्त की थी। पूछताछ में सौरभ ने दावा किया कि बरामद कैश उसका नहीं, बल्कि भोपाल में रहने वाले उसके रिश्तेदार व पीडब्ल्यूडी (PWD) इंजीनियर रमेश अहिरवार का है। दूसरी ओर, भोपाल में मौजूद इंजीनियर रमेश अहिरवार ने इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस करोड़ों की नकदी से उनका कोई लेना-देना नहीं है।
ये भी पढ़ें-
CBI को मिली गिरिबाला-समर्थ की कॉल रिकॉर्डिंग, वॉइस सैंपल-आईफोन डेटा मिलने पर पेश होगा पूरक चालान
एसपी बोले- एजेंसी करेगी विस्तृत पड़ताल
दोनों पक्षों के परस्पर विरोधी बयानों के बाद अब मुख्य सवाल यह है कि आखिर करोड़ों की यह बेनामी रकम किसकी है और इसे किस उद्देश्य से सागर में रखा गया था? मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सागर एसपी अनुराग सुजानिया ने बताया कि संबंधित जांच एजेंसी को औपचारिक पत्र भेज दिया गया है। आगे की कानूनी और वित्तीय जांच संबंधित एजेंसी द्वारा ही की जानी है। हालांकि, पत्राचार के 48 घंटे बाद भी जांच टीम के सागर न पहुंचने से स्थानीय स्तर पर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। फिलहाल पुलिस की कार्रवाई के बाद सभी की निगाहें जांच एजेंसी की एंट्री पर टिकी हैं।
पुलिस ने तीन करोड़ रुपये सील कर दिए हैं।
इतनी बड़ी रकम गिनने के लिए पुलिस को नोट गिनने वाली मशीन बुलाई थी।
पूरा मामला हथियार के साथ फोटो वायरल होने के बाद सामने आया है।