सागर के बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (बीएमसी) से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली खबर सामने आई है। यहां अस्थि रोग विभाग (ऑर्थोपेडिक) के वार्ड नंबर 14 के अंदर बने एक बंद स्टोर रूम से अज्ञात व्यक्ति का शव बरामद हुआ है। शव मिलने की सूचना के बाद पूरे अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया। घटना की जानकारी मिलते ही बीएमसी प्रबंधन और गोपालगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की।
मरीजों को आ रही थी बदबू, खुला दरवाजा तो उड़ गए होश
मिली जानकारी के अनुसार, वार्ड नंबर 14 में भर्ती मरीजों को पिछले दो-तीन दिनों से लगातार तेज बदबू आ रही थी। सोमवार को जब बदबू असहनीय हो गई, तो मरीजों और उनके परिजनों ने इसकी शिकायत अस्पताल स्टाफ से की। प्रबंधन ने जब वार्ड के भीतर मौजूद बंद स्टोर रूम को चेक किया, तो अंदर का नजारा देखकर सबके होश उड़ गए। कमरे के भीतर एक अज्ञात व्यक्ति की लाश पड़ी हुई थी।
अंदर से बंद था दरवाजा, आत्महत्या की आशंका
पुलिस के मुताबिक, शव करीब दो से चार दिन पुराना लग रहा है, क्योंकि उसमें से भारी दुर्गंध आ रही थी और वह सड़ने लगा था। पुलिस ने बताया कि जिस कमरे से शव मिला है, उसका दरवाजा अंदर से बंद था। प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। हालांकि, गोपालगंज थाना पुलिस का कहना है कि मौत के असली कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। फिलहाल मर्ग कायम कर शव को मर्चुरी भेज दिया गया है।
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मृतक की पहचान अभी बाकी
गोपालगंज थाना प्रभारी ने बताया कि मृतक की शिनाख्त अभी नहीं हो पाई है। पुलिस अस्पताल के रिकॉर्ड खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि मृतक अस्पताल में भर्ती कोई मरीज था या फिर किसी मरीज का अटेंडेंट (परिजन)। वहीं बीएमसी अधीक्षक डॉ. राजेश जैन ने मामले को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि पूरे घटनाक्रम की हर पहलू से बारीकी से जांच कराई जा रही है।
सुरक्षा पर खड़े हुए 3 बड़े सवाल
इस सनसनीखेज वारदात ने बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज की सुरक्षा और मॉनिटरिंग व्यवस्था पर एक बार फिर बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है। इस घटनाक्रम के बाद सवाल उठ रहा है कि एक अज्ञात शख्स अस्पताल के चालू वार्ड (अस्थि रोग वार्ड) के अंदर बने स्टोर रूम तक कैसे पहुंच गया और किसी भी सुरक्षाकर्मी या स्टाफ की नजर उस पर क्यों नहीं पड़ी?
वहीं अगर शव दो से चार दिन पुराना है, तो इतने दिनों तक वार्ड के राउंड पर रहने वाले डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और सफाईकर्मियों को भनक क्यों नहीं लगी? क्या बीएमसी में वार्डों की नियमित चेकिंग नहीं होती?
बीएमसी में सुरक्षा में चूक का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी एक व्यक्ति संदिग्ध परिस्थितियों में अस्पताल की छत पर पहुंच गया था, जहां से गिरने के कारण उसकी रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट आई थी और उसे भोपाल रेफर करना पड़ा था। उस घटना के बाद भी प्रबंधन ने सबक क्यों नहीं लिया? पुलिस का कहना है कि वह अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाल रही है ताकि यह साफ हो सके कि मृतक आखिरी बार कब और किसके साथ देखा गया था। शव की पहचान होने के बाद ही इस रहस्यमयी मौत का सच सामने आ पाएगा।
बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में शव मिलने के बाद हड़कंप मच गया।