Sagar: बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के बाथरूम में एक कैदी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि सागर जेल में ओमप्रकाश की अचानक तबियत बिगड़ गई थी। उसके पेट में दर्द होने लगा था, सूचना पर जेल प्रबंधन ने कैदी को बीएमसी के जेल वार्ड में भर्ती कराया था, जहां उसका इलाज चल रहा था।
सागर की केंद्रीय जेल में एक सप्ताह पहले दाखिल हुए कैदी ने बेडशीट से फंदा बनाकर बाथरूम में फांसी लगा ली। घटना की सूचना पाकर मौके पर गोपालगंज पुलिस और जेल के अधिकारी पहुंचे। बता दें कि आत्महत्या कैदी ने क्यों की इसकी जांच की जा रही है। पुलिस के द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार 21 वर्षीय ओम प्रकाश अहिरवार निवासी मूली को बहेरिया थाना अंतर्गत पॉक्सो एक्ट के मामले में गिरफ्तार किया गया था, जिसे 29 नवंबर को जेल में दाखिल किया गया था।
विज्ञापन
तबियत बिगड़ने पर किया गया था भर्ती
बताया जा रहा है कि सागर जेल में ओमप्रकाश की अचानक तबियत बिगड़ गई थी। उसके पेट में दर्द होने लगा, सूचना पर जेल प्रबंधन ने कैदी को बीएमसी के जेल वार्ड में भर्ती कराया, जहां उसका इलाज चल रहा था। फिर कैदी से मिलने के लिए उसके परिवार के लोग पहुंचे थे। कहा जा रहा है कि परिजनों के जाने के बाद ओमप्रकाश शौच के लिए जाने का बोलकर जेल वार्ड के बाथरूम में गया और उसने बेडशीट को फाड़ कर रस्सी तैयार की और उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। जब वह काफी देर तक बाथरुम से बाहर नहीं आया, तो सुरक्षा में तैनात जेल प्रहरी ने अंदर जाकर देखा। जिसमें ओमप्रकाश फंदे से लटका मिला हुआ पाया गया। जेल प्रहरी ने तत्काल इसकी सूचना जेल प्रबंधन और पुलिस को दी। जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और देखा तो ओमप्रकाश की मौत हो चुकी थी। हालांकि आत्महत्या के कारण का अभी तक कोई खुलासा नहीं हुआ है। कैदी के मौत के मामले में जेलर एमएस पटेल का कहना है कि धारा 363 सहित विभिन्न मामलों में उसे 29 नवंबर को जेल लाया गया था।