मध्यप्रदेश में चुनावी बिसात बिछ चुकी है। कांग्रेस ने प्रदेश की 230 तो भाजपा ने 228 सीटों पर अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। आगामी 17 नवबंर को प्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान होगा। चुनाव से पहले अमर उजाला का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' प्रदेशभर के मतदाताओं का मन टटोलने निकला है। आज हमारा कारवां सागर पहुंचा है, जहां सुबह के वक्त आम मतदाताओं से अमर उजाला ने चर्चा की और उनके मुद्दों को जानने की कोशिश की। अमर उजाला के मंच पर लोगों ने खुलकर अपनी बात रखी।
अमर उजाला से चर्चा में प्रशांत समैया ने कहा कि सागर का तालाब एक मुख्य मुद्दा है। जनप्रतिनिधियों ने सागर के तालाब को बेच दिया है। लाखा बंजारा तालाब इस क्षेत्र की पहचान है, लेकिन करोड़ों के फंड के बाद भी वो दुर्दशा का शिकार है। दूसरा मुद्दा है डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय का। उसे सेंट्रल यूनिवर्सिटी बना दिया गया। बीते चुनाव में जनता ने अपना बहुमत कांग्रेस को दिया था, लेकिन उसे बदल दिया गया।
वहीं, एक अन्य मतदाता ने कहा कि सागर में औद्योगिक विकास की स्थिति ठीक नहीं है। लोगों में भाजपा को लेकर शंका की स्थिति है। एक अन्य मतदाता ने कहा कि सागर में स्मार्ट सिटी के काम में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा जा रहा है। वहीं, उनका कहना है कि सागर में प्राइवेट विश्वविद्यालय खोले गए हैं, शिक्षा पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
अमर उजाला से चर्चा में सागर के एक भाजपा नेता ने भी अपनी राय रखी, उन्होंने कहा कि बीते 15 साल से भाजपा सरकार सागर शहर में काफी विकास कार्य कर रही है। लाखा बंजारा झील की सूरत बदलने के लिए भी भाजपा सरकार लगातार काम कर रही है। एक अन्य मतदाता ने कहा कि सागर में विकास का मुद्दा रहेगा।