मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 को कवर करने के लिए अमर उजाला का रथ ‘सत्ता का संग्राम’ सागर पहुंचा। इस दौरान राजनीतिक पार्टियों से सागर वासियों के किस मुद्दे को लेकर क्या कदम उठाएंगी आदि सवाल पूछे गए। राजनीतिक दलों के पास वोट मांगने को लेकर क्या ठोस कारण हैं, किस वजह से वे चुनाव में खड़े हुए हैं। इन सवालों के जवाब देते हुए अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेता आपस में उलझ गए, बहस करने लगे।
हमने जगह-जगह विकास किया- बीजेपी
बीजेपी के एक नेता ने अमर उजाला से बात करते हुए कहा कि रहली में विकास के मुद्दे पर ही वोट पड़ेगा। काफी लंबे समय से हमारी सरकार है। हमारे मंत्री यहां से विधायक रहे हैं और उन्होंने हर क्षेत्र में बहुत से कार्य किए। जैसे विकास- आप देख लीजिए जगह-जगह विकास है। शिक्षा के क्षेत्र में विकास हुआ है। जहां दो हाई स्कूल, हायर सेकेंडरी स्कूल हुआ करते थे हमारे क्षेत्र में। आज 40 से 50 हायर सेकेंडरी स्कूल और हाईस्कूल हैं। हम लोग शानदार तरीके से जीतने वाले हैं।
एक अन्य बीजेपी नेता ने कहा कि लगातार आठ बार से गोपाल भार्गव विधानसभा का चुनाव जीत रहे हैं और नौंवी बार भी वे चुनाव जीतने जा रहे हैं। और उनके मुख्यमंत्री बनने की प्रबल संभावनाएं हैं।
वहीं, एक कांग्रेस नेता ने कहा कि कांग्रेसी तटस्थ हैं जो इस प्रकार कांग्रेस में रहे हैं। वे भाजपा में गए हैं। स्वार्थी आदमी कांग्रेस में कोई नहीं है।
कचहरी की जमीन में मुनाफाखोरी की गई-कांग्रेस
एक अन्य कांग्रेस नेता ने विकास के मुद्दे को लेकर कहा कि कचहरी की बात सामने आनी चाहिए। ये जो सामने दिख रहा है। ये रहली की कचहरी थी। उन्होंने कहा कि गोपाल भार्गव जी बड़े प्रभावशाली मंत्री हैं मध्यप्रदेश के, इसको हम मानने से इनकार नहीं करते। लेकिन ये कचहरी खरीदी किसने ये मालूम पड़ना चाहिए रहली की जनता को। मेरे बीजेपी के साथी भी इसमें असहमत नहीं होंगे। खरीदार कौन है? यह जमीन बिकने लायक थी? क्यों बिक गई? अगर ये यहां पर कोई शॉपिंग कॉम्प्लैक्स भी बनना था तो वह नगर पालिका परिषद रहली के माध्यम से बनवाई जा सकती थी। उतना पैसा जितने में बिकना है उसके नगर पालिका परिषद को ट्रांसफर करवाई जाती। यहां के लोगों को उससे रोजगार मिलता और उसमें होने वाली मुनाफाखोरी नहीं हो पाती।