राज्य सरकार द्वारा सागर जिला चिकित्सालय को बुंदेलखंड मेडिकल कालेज में मर्जर के निर्णय के खिलाफ अब जिला अस्पताल के अधिकारी, डॉक्टर, कर्मचारी सामने आ रहे हैं। इसके साथ ही अनेक संगठनों और राजनैतिक दलों ने भी सरकार के इस निर्णय का विरोध किया है। रविवार को जिला चिकित्सालय के डॉक्टर्स कर्मचारियों ने खाद्य मंत्री गोविंद राजपूत से मुलाकात की और चर्चा कर ज्ञापन सौंपा। मंत्री राजपूत ने जिला चिकित्सालय के चिकित्सकों, अधिकारी कर्मचारियों को आश्वासन देते हुए कहा कि इस संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा की जाएगी
मर्जर से बढ़ जायेगी परेशानियां
दिए गए ज्ञापन में कहा गया कि जिला अस्पताल सागर का इतिहास 50 वर्षों से अधिक का है। शहर एवं आसपास समस्त ग्रामीण क्षेत्र एवं अन्य जिलों जैसे टीकमगढ़, छतरपुर ,पन्ना रायसेन, दमोह आदि जिले के मरीज भी यहां इलाज के लिए आते हैं। जिला चिकित्सालय से जनता को निःशुल्क स्वास्थ्य लाभ प्राप्त हो रहा है। ज्ञापन में कहा गया कि अगर बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में जिला अस्पताल मर्ज हो जाता है तो मरीज को अनेकों समस्याओं का सामना करना पड़ेगा।
जिसमें ओपीडी पर्ची बनने में लंबी कतार, पैथोलॉजी लैब, दिव्यांग जनों के प्रमाण पत्र, एमएलसी जिला मेडिकल बोर्ड आरबीएस के सेवाएं, फिजियोथैरेपी सेंटर, सहित इकलौता प्रमाणित ब्लड बैंक इन सभी का संचालन जिला अस्पताल से होता है, जिसका जनमानस को लाभ मिलता है। परंतु मर्ज हो जाने से उक्त सेवाएं प्रभावित होगी। ज्ञापन में लिखा गया है कि वर्तमान में इस जिला अस्पताल में करीब 38 नि:शुल्क जनहितेषी योजनाएं संचालित की जा रही है, जिसका लाभ जनता को मिलता है, मर्ज होने के बाद यह प्रभावित होगा।