फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sagar News: ब्लैकमेलिंग से तंग बेटी ने की थी आत्महत्या, एक माह से न्याय के लिए भटक रहे मां-पिता

Wed, 17 Dec 2025 04:32 PM IST
सागर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सागर

सार

सागर में बेटी की ब्लैकमेलिंग से आत्महत्या के मामले में न्याय मांगने पहुंचे गरीब माता-पिता को एसपी कार्यालय में रोके जाने पर हंगामा करना पड़ा। एक माह से भटक रहे परिवार को बाद में एडिशनल एसपी ने सुनवाई कर आरोपियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया।
विज्ञापन
सागर में अपनी बेटी के लिए न्याय पाने भटक रहे माता-पिता - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अपनी बेटी को ब्लैकमेलिंग के कारण खो देने के बाद न्याय की गुहार लगा रहे एक गरीब मां-बाप को मंगलवार को सागर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में भारी निराशा हाथ लगी। एसपी से मुलाकात न हो पाने और पुलिसकर्मियों द्वारा रोके जाने पर मृतिका की मां का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने कार्यालय परिसर में जमकर हंगामा किया। एक महीने से न्याय के लिए चक्कर काट रहे इस परिवार को अंततः एडिशनल एसपी के हस्तक्षेप के बाद कार्रवाई का आश्वासन मिला है।

विज्ञापन


50 हजार की मांग पर बेटी ने दी जान
मालथोन थाना क्षेत्र के सेमरा लोधी गांव निवासी रामसखी रजक और कैलाश रजक मंगलवार दोपहर 1 बजे अपनी बेटी जितेंद्र कुमारी उर्फ प्रियंका की मौत के मामले में शिकायत लेकर एसपी कार्यालय पहुंचे थे। महिला रामसखी रजक का आरोप है कि उनकी बेटी प्रियंका, जो मालथोन के एक कॉलेज में पढ़ती थी, उसे 18 नवंबर को बम्होरी लाल का हर्ष राजपूत और परसोन निवासी अनुराग तिवारी लगातार प्रताड़ित और ब्लैकमेल कर रहे थे। ये दोनों आरोपी प्रियंका से 50 हजार रुपये की मांग कर रहे थे, जिसके कारण प्रियंका ने तंग आकर आत्महत्या कर ली थी।

ये भी पढ़ें- कमोड में हत्या: बच्चे को जिंदा ही किया गया था फ्लश, फेफड़ों में मिला पानी, पीएम रिपोर्ट में खुले राज
विज्ञापन


एक माह से काट रहे चक्कर एसपी से मिलने पर रोक
प्रियंका के माता-पिता, जो इंदौर में रहकर मजदूरी करते हैं, घटना की जानकारी मिलने के बाद से ही आरोपियों पर कार्रवाई करवाने के लिए पुलिस के चक्कर काट रहे हैं। मंगलवार को जब वे एसपी कार्यालय पहुंचे, तो एसपी के बाहर निकलते ही मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें मिलने से रोक दिया। न्याय न मिलने और पुलिस द्वारा रोके जाने से आहत मां रामसखी रजक का धैर्य टूट गया और उन्होंने कार्यालय परिसर में ही हंगामा शुरू कर दिया। वह अपनी शिकायत दर्ज कराने और एसपी से मिलने की जिद पर अड़ गईं।
विज्ञापन


एडिशनल एसपी ने दिया भरोसा
मौके की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों ने हस्तक्षेप किया। हंगामा कर रही महिला और उसके पति को शांत कराया गया और उन्हें एडिशनल एसपी डॉ. संजीव उईके से मिलवाया गया। एडिशनल एसपी ने उनकी पूरी शिकायत सुनी और तत्काल संबंधित अधिकारी को दोषियों पर त्वरित कार्रवाई करने के लिए आदेशित किया। पीड़ित परिवार को अब एडिशनल एसपी द्वारा दिए गए कार्रवाई के आश्वासन पर ही न्याय की उम्मीद बंधी है। 

 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें