सागर जिले के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, जमुनिया चिखली की दो साहसी छात्राओं, निशिका यादव और प्रतीक्षा विश्वकर्मा ने त्वरित समझदारी और साहस का परिचय देते हुए सीपीआर देकर अपने शिक्षक की जान बचाई थी। उनकी इस बहादुरी और जागरुकता को सम्मानित करते हुए कलेक्टर संदीप जीआर ने उन्हें पुष्प गुच्छ और शॉल श्रीफल देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी अरविन्द जैन, अरुण दुबे सहित अन्य शिक्षक मौजूद थे। छात्राओं के सम्मान के दौरान कलेक्टर ने दोनों छात्राओं से उनके भविष्य की योजनाओं के बारे में पूछा, जिस पर उन्होंने डॉक्टर बनने की इच्छा व्यक्त की।
कलेक्टर संदीप जीआर ने कहा कि छात्राओं का यह कार्य अत्यंत सराहनीय है, जिससे न केवल एक शिक्षक की जान बची। उन्होंने कहा कि ऐसी जागरुकता और तत्परता सभी छात्रों के लिए प्रेरणा स्रोत है। कलेक्टर संदीप जीआर ने जिला शिक्षा अधिकारी एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए की स्वास्थ्य के संबंध में सभी विद्यालयों में प्रशिक्षण दिया जाए।
यह था मामला
शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जमुनिया चिखली की छात्रा निशिका यादव व प्राची विश्वकर्मा ने मिलकर शिक्षक महिपाल ठाकुर प्राथमिक शिक्षक की सीपीआर देकर जान बचाई। शालेय कार्यक्रम के पश्चात शिक्षक को शाला में ही हार्टअटैक आ गया। इस पर स्कूली छात्रा निशाका और प्राची ने शिक्षक महिपाल ठाकुर को सीपीआर दिया।
शिक्षक की रुकी थी सांसें
स्कूली छात्राओं ने बताया कि जब उन्होंने शिक्षक को देखा तो न तो उनकी नाड़ी चल रही थी और न ही वे सांस ले रहे थे। तब छात्राओं ने सीपीआर दिया, सीपीआर देने की पश्चात शिक्षक की सांस पुनः चलने लगी। जब तक एंबुलेंस आई और एंबुलेंस आने के बाद शिक्षक को देवरी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां पर उनका उपचार किया गया।