जहरीली शराब से खतरे में आंखों की रोशनी
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सागर के बंडा में हुए बहुचर्चित जहरीली शराब कांड के मामले में एक बेहद गंभीर सच्चाई सामने आई है। इस जहरीली त्रासदी में जान गंवाने वालों का आंकड़ा जहां 20 तक पहुंच चुका है, वहीं अब जीवित बचे लोगों के सामने गंभीर स्वास्थ्य संकट खड़ा हो गया है। मिथाइल एल्कोहल के घातक असर के कारण करीब 70 से 80 मरीजों की आंखों की रोशनी गंभीर रूप से प्रभावित हुई है, जिससे स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं।
एम्स के विशेषज्ञों से ली सलाह
मरीजों की आंखों में आ रही इस गंभीर समस्या से निपटने के लिए सागर कलेक्टर प्रतिभा पाल ने तुरंत दिल्ली स्थित एम्स के वरिष्ठ विशेषज्ञों से संपर्क कर चिकित्सीय सलाह ली है। एम्स के डॉक्टरों ने इस स्थिति को टॉक्सिक इंड्यूस्ड ऑप्टिक बीमारी करार दिया है। हालांकि राहत की बात यह है कि डॉक्टरों ने आश्वासन दिया है कि उचित उपचार और लगातार देखरेख से प्रभावित मरीजों की आंखों की रोशनी 6 से 7 सप्ताह के भीतर धीरे-धीरे वापस लौटने की पूरी संभावना है।
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अस्पताल में अब सिर्फ 5 मरीज भर्ती
प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार इस जहरीली शराब के सेवन से गंभीर रूप से बीमार हुए अधिकांश लोगों की सेहत में सुधार हो चुका है। स्वास्थ्य लाभ मिलने के बाद बाकी सभी मरीजों को सुरक्षित उनके घर भेजा जा चुका है। वर्तमान में अस्पताल में केवल 5 मरीज ही भर्ती हैं, जिनका डॉक्टर विशेष निगरानी में इलाज कर रहे हैं। गौरतलब है कि प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार इस दर्दनाक हादसे में अब तक कुल 20 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, जबकि मिथाइल एल्कोहल के दुष्प्रभावों से जूझ रहे 70 से अधिक मरीजों का इलाज प्रशासनिक देखरेख में जारी है।
प्रभावित गांवों में लगाए जा रहे स्वास्थ्य शिविर
जहरीली शराब कांड के सामने आने के बाद से ही जिले का स्वास्थ्य अमला सजग है बंडा तथा शाहगढ़ विकासखण्डों के प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित किए जा रहे है, जहां लोगों का प्रारंभिक परीक्षण विशेषज्ञ डॉक्टर्स कर रहे हैं।