अपर मुख्य सचिव गृह एवं संभागीय प्रभारी सचिव एसएन मिश्रा की अध्यक्षता में गुरुवार को कलेक्टर कार्यालय में संभागीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में एडीजी संजीव शमी, संभाग आयुक्त डॉ वीरेंद्र सिंह रावत, पुलिस महानिरीक्षक प्रमोद वर्मा, डीआईजी सागर सुनील कुमार जैन, डीआईजी छतरपुर ललित शाक्यवार सहित संभाग के 6 जिलों के कलेक्टर एसपी मुख्य कार्यपालन अधिकारी सहित समस्त संभागीय एवं जिला अधिकारी उपस्थित थे।
अपर मुख्य सचिव ने संपूर्ण बुंदेलखंड में वाटर ऑडिट करके क्षेत्र के लिए एक मास्टर प्लान तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड क्षेत्र में पानी की कुल आवश्यकता का आंकलन किया जाए। चूंकि बुंदेलखंड वर्षा ऋतु के दृष्टिगत क्षेत्र शैडो रीजन होने के कारण पानी की कमी से जूझता है। इससे उबरने के लिए भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए, सिंचाई, उद्योग आदि सभी आवश्यकताओं का आंकलन कर कमिश्नर तथा सभी कलेक्टर्स एक मास्टर प्लान तैयार करें। उन्होंने राजस्व महाभियान के अंतर्गत रिकॉर्ड शुद्धिकरण, अभिलेख दुरुस्ति, नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा आदि सभी प्रकरणों पर विशेष ध्यान देते हुए शीघ्र कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए हैं। उन्होंने कहा है कि आमजन की सुविधा के लिए चलाये जा रहे इस अभियान पर पूरी गंभीरता से कार्य किया जाए।
उन्होंने जल जीवन मिशन के अंतर्गत किए गए कार्यों की समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि क्षतिग्रस्त सड़कों का रेस्टोरेशन कार्य त्वरित गति से किया जाए। रेस्टोरेशन का कार्य पूर्ण रूप से ठेकेदार की जिम्मेदारी है, जिसे अभियान के रूप में किया जाए। आवश्यकता पड़ने पर सभी कलेक्टर्स इस पर सख्ती से कार्रवाई करें। उन्होंने संभाग के सभी जिलों में बसों की सघन जांच कराए जाने के भी निर्देश दिए इसके अंतर्गत बसों का फिटनेस सर्टिफिकेट, आवश्यक परमिट/ लाइसेंस, बसों की समय सारणी, वे समय पर चल रहीं हैं अथवा नहीं, टिकट के उचित मूल्य आदि सभी बिंदुओं की जांच करने के निर्देश दिए हैं। इसी के साथ उन्होंने सभी कलेक्टर्स को नियमित रूप से जेल निरीक्षण करने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि केन-बेतवा लिंक परियोजना के अंतर्गत विस्थापितों को समय से मुआवजा राशि मिले इसका विशेष ध्यान रखा जाए। इसके अतिरिक्त विस्थापन स्थल पर समस्त आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हों यह भी सुनिश्चित किया जाए।