प्रदेश के कई जिलों में मई के महीने में सूरज का सितम देखने को मिल रहा है। सागर समेत प्रदेश के कई अन्य जिलों में पारा बीते एक सप्ताह से 42 डिग्री के पार है। गर्मी से राहत पाने के लिए लोग एसी, कूलर और पंखे का सहारा ले रहे हैं। ऐसे में अपने परिवार को गर्मी से राहत देने के लिए सागर के सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले छात्र ने कबाड़ के जुगाड़ से अनोखा कूलर बनाया है। अब इस कूलर की हवा का पूरा परिवार लुत्फ ले रहा है। कूलर ठंडी हवा तो देता ही है, साथ ही इसमें करंट लगने जैसा कोई खतरा नहीं है। छात्र ने कबाड़ की चीजों का उपयोग कर तीन दिन में कूलर को तैयार किया।
अनोखा आविष्कार करने वाला छात्र शिवम गौतम सागर जिले के सानोधा गांव का रहने वाला है। इस साल उसने दसवीं की परीक्षा दी है। शिवम ने कबाड़ से कूलर बनाने के लिए खराब कूलर की पुरानी मोटर, एक प्लास्टिक की फूटी टंकी, पानी के पंप, पंखे, नली और कुछ स्क्रू की इस्तेमाल किया है। शिवम ने कूलर को किस तरीके से बनाया और इसे बनाने में कितनी लागत लगी, इसके बारे में खुद जानकारी दी। यह जुगाड़ का कूलर ठंडी हवा तो देता ही है, साथ ही इसमें करंट लगने जैसा कोई खतरा नहीं है। शिवम ने मात्र तीन दिन में कूलर को तैयार किया।
मात्र 200 रुपये की लागत से तैयार कूलर यानी पंखा और पानी का पंप एक साथ कनेक्ट है। पंप के लिए अलग से स्विच दिया गया है। अगर पंप को बंद या चालू करना है तो उसे आवश्यकतानुसार बंद या चालू किया जा सकता है। हालांकि, शिवम के अनुसार अभी इसमें कुछ और सुधार की आवश्यकता है। वह इसमें एक जाली लगाना चाहते हैं ताकि छोटे बच्चे इसमें हाथ न डाल सकें। वहीं, शिवम के परिजन इस अनोखे कूलर से काफी खुश हैं और इसकी ठंडी-ठंडी हवा से उमस भरी गर्मी से राहत पा रहे हैं।