फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सागर: बंडा में दवाइयों की कालाबाजारी पर औषधि प्रशासन का छापा, मेडिकल स्टोर सील, बिना बिल बेचीं 120 स्ट्रिप्स

Sat, 03 Oct 2026 10:17 AM IST
प्रिया वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सागर

सार

औषधि प्रशासन विभाग ने विगोरा-100 की अवैध ऑनलाइन बिक्री का खुलासा करते हुए बंडा में एक मेडिकल स्टोर को सील किया है। जांच में मेडिकल स्टोर से 120 स्ट्रिप्स बिना पर्चे, बिल और कैश मेमो के बेचने की जानकारी सामने आई। 
विज्ञापन
औषधि प्रशासन विभाग ने सील किया मेडिकल स्टोर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

जिले के बंडा क्षेत्र में औषधि प्रशासन विभाग ने विगोरा-100 दवा की अवैध ऑनलाइन बिक्री का भंडाफोड़ करते हुए बड़ी कार्रवाई की है। मामले में विभाग की टीम ने बंडा स्थित अंकित मेडिकल स्टोर को सील कर दिया है और मामले से जुड़े सभी दस्तावेज व बिक्री अभिलेख जब्त कर लिए हैं। जांच में सामने आया कि मेडिकल स्टोर संचालक ने बिना किसी पर्चे, बिल और कैश मेमो के दवा की 120 स्ट्रिप्स एक व्यक्ति को बेची थीं, जिसे संबंधित व्यक्ति ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से आगे बेच रहा था।

विज्ञापन


महाराष्ट्र एफडीए की सूचना पर कार्रवाई
सागर के औषधि प्रशासन विभाग को महाराष्ट्र एफडीए से विगोरा-100 दवा की अवैध ऑनलाइन बिक्री होने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही औषधि निरीक्षक सोनम जैन और मनीष सुमन की संयुक्त टीम ने बंडा क्षेत्र में दबिश दी। जांच के दौरान टीम ने ऑनलाइन बिक्री में शामिल व्यक्ति को मौके पर ही पकड़ा। इसके बाद अधिकारियों ने मेडिकल स्टोर से जुड़े बिक्री अभिलेख, दस्तावेज और अन्य साक्ष्य जब्त किए। नियमों का उल्लंघन करने पर औषधि प्रशासन की टीम ने अंकित मेडिकल स्टोर को सील कर दिया।

ये भी पढ़ें: भोपाल: महिला वकील का नाम गुंडा सूची में डालने पर पुलिस को राहत, 2 लाख का हर्जाना जिला अदालत ने हटाया
विज्ञापन
विज्ञापन


दोषियों पर होगी कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर प्रतिभा पाल ने निर्देश दिए हैं कि बिना पर्चे और बिना बिल के दवाओं की कालाबाजारी या अवैध ऑनलाइन बिक्री करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं। प्रशासन इस मामले में मेडिकल स्टोर संचालक और अन्य संबंधित लोगों की भूमिका की जांच कर रहा है। औषधि प्रशासन विभाग के अनुसार जब्त किए गए साक्ष्यों के आधार पर औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें