चैत्र नवरात्रि मेला में मैहर में डयूटी करने आए एसएएफ के आरक्षक ने चलती ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली। मृतक आरक्षक 9वीं बटालियन रीवा में पदस्थ था। एसएएफ के आरक्षक ने किन कारणों के चलते आत्महत्या की यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। मैहर पुलिस ने मर्ग कायम कर आत्महत्या के कारणों की जांच शुरू कर दी है। खुदकुशी करने वाले आरक्षक का विवाह तीन महीने पहले दिसम्बर में हुआ था। करीब तीन साल पहले एसएएफ में आरक्षक पदस्थ हुआ था।
मैहर पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार अजय कुमार प्रजापति पिता शिवलाल प्रजापति (28) एसएएफ (सशस्त्र पुलिस बल) की 9वीं बटालियन रीवा में आरक्षक के पद पर पदस्थ था। आरक्षक अजय की कंपनी की डयूटी चैत्र नवरात्रि मेला में मैहर में लगी हुई थी। वह कंपनी के साथ नवरात्रि मेला शुरू होने के एक दिन पहले मैहर आया था। रविवार को रात 11 बजे के करीब खाना खाने के बाद आरक्षक अजय मोबाइल फोन पर बात करते हुए यात्री निवास से निकला लेकिन लौटा नहीं। सहकर्मियों ने अजय की तलाश शुरू की, लेकिन कुछ पता न चल पाया। कामायनी एक्सप्रेस के चालक ने मैहर रेलवे स्टेशन के स्टेशन मास्टर को सूचना दी कि सुबह 3ः15 बजे मैहर स्टेशन से एक किमी आगे उचेहरा एंड पर वर्दी धारी अचानक चलती ट्रेन के सामने कूदा। ट्रेन की चपेट में आ गया है। मैहर रेलवे स्टेशन के स्टेशन मैनेजर ने मैहर पुलिस को घटना से अवगत कराया। मैहर पुलिस के अलावा एसएएफ की 9वीं बटालियन के अधिकारी और कर्मचारी घटनास्थल पर पहुंचे।
रेल ट्रैक पर आरक्षक अजय का शव क्षत-विक्षत अवस्था में पड़ा था। ट्रैक पर पड़े शव को उठवाकर पीएम के लिए भेजा गया। मैहर मेला की डयूटी में आए एसएएफ के आरक्षक ने चलती ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या क्यों की? इसकी वजह जानने के लिए पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने एसएएफ के आरक्षक का मोबाइल जब्त कर लिया है। कॉल डिटेल खंगाली जा रही है ताकि यह पता चल सके कि यात्री निवास क्रमांक तीन से मोबाइल पर किससे बात करते हुए आरक्षक निकला था।