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ग्रामीण जनजातीय तकनीकी ट्रेनिंग सेंटर शुरू: बीएल संतोष बोले- पलायन रोकने गांव को आर्थिक सुरक्षा मुहैया कराना होगी

Fri, 13 May 2022 03:34 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

राजधानी भोपाल में देश का पहला ग्रामीण जनजातीय तकनीकी प्रशिक्षण का शुभारंभ किया गया। इसमें 6 राज्यों के 250 लाभार्थी शामिल हुए। कुशाभाऊ हॉल में आयोजित कार्यक्रम को बीजेपी के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान समेत अन्य पदाधिकारियों ने संबोधित किया।
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भोपाल में सीएम शिवराज ग्रामीण जनजातीय तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रम में ढोल बजाते हुए दिखे। - फोटो : अमर उजाला

राजधानी भोपाल में देश का पहला ग्रामीण जनजातीय तकनीकी प्रशिक्षण शुरू हुआ। इसमें 6 राज्यों के 250 लाभार्थी शामिल हुए। कुशाभाऊ हॉल में आयोजित कार्यक्रम को बीजेपी के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान समेत अन्य पदाधिकारियों ने संबोधित किया। इस अवसर पर बीएल संतोष ने कहा कि पलायन रोकने के लिए भाषण से काम नहीं चलेगा। गांव को आर्थिक सुरक्षा मुहैया कराना होगी।

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भोपाल में देश के पहले ग्रामीण जनजातीय तकनीकी प्रशिक्षण का शुभारंभ किया गया। - फोटो : अमर उजाला

बीजेपी के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने की तारीफ की। उनके लिए कहा कि जननायक भी हैं, लोकप्रिय भी हैं, विजनरी भी हैं, विकाशील और विकासपुरुष भी हैं। ये सभी खूबियां हैं उनमें ऐसा हम कह सकते हैं। बीएल संतोष ने कहा कि हमारे देश में समाज और प्रशासन समानांतर चलता है, और ये दोनों नजदीक आना चाहते हैं, लेकिन मिल नहीं पाते हैं, कई बार हमारे यहां प्रशासन ठेकेदार चलाते हैं। हमें गांव में होने वाले पलायन को रोकने के लिए काम करना है। कार्यक्रम में मौजूद सांसद और विधायकों को लेकर बीएल संतोष ने कहा कि कुछ जनप्रतिनिधि करोड़ों के फंड पर चुनाव के समय क्या परफार्मेंस रिपोर्ट दे सकता है, यह सोचते हैं। उनको इससे बाहर आकर गांव में परिवर्तन लाने के लिए संकल्प लेना चाहिए।  
 

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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि हम जनजातीय समाज के भाई बहनों का जीवन बदलने का अभियान चला रहे हैं। - फोटो : अमर उजाला

उन्होंने कहा कि सिर्फ भाषण से पलायन नहीं रुकेगा, पीपीटी बनाना, लेख लिखना और आर्टिकल लिखने से काम नहीं चलेगा। डॉक्टर गांव के अस्पताल में नहीं रहते हैं। अधिकारी कर्मचारी गांव में काम नहीं करना चाहते हैं, तुरंत ट्रांसफर के लिए सांसद-विधायकों को परेशान करने लगते हैं। नौकरी नहीं मिलती है, खेती में पानी नहीं मिलता है। हमे गांव में सुविधाएं पहुंचानी होंगी, ताकि लोग पलायन ना करें। हमें गांव में आर्थिक सुरक्षा मुहैया करवाना होगी। हमारा लक्ष्य पलायन को रोकना होगा। देश के एक हजार गांव में हमें पलायन रोक कर दिखाना होगा।

वहीं, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि हम जनजातीय समाज के भाई बहनों का जीवन बदलने का अभियान चला रहे हैं। प्रदेश में पैसा एक्ट लागू किया जा रहा है। सीएम ने कहा एक तरफ लोग गांव से पलायन कर रहे हैं और दूसरी तरफ गांव में काम करने वाले लोग नहीं हैं। गांव में काम के लिए हैंड्स नहीं हैं। गांव में कुशल कारीगरों की कमी हो गई है। आज हमें लाखों युवाओ की जरूरत है जो ग्रामीण क्षेत्र में काम कर सकें।

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कार्यक्रम में शिवराज ने ढोल बजाया, डांस भी किया और समाज के लोगों को गले भी लगाया - फोटो : अमर उजाला

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें गांव में काम के लिए वर्तमान में 2 लाख कुशल कारीगर सीधे-सीधे चाहिए। मैं बच्चों को विश्वास दिलाता हूं कि आप ग्रामीण इंजीनियर होंगे। हाथ में कौशल आ जाएगा, तो तुम काम करने वाले बन जाओगे। सीएम ने कहा कि भाषण से पलायन नहीं रुकेगा। जब गांव में ही काम होने लगेगा, तभी पलायन रुकेगा। हाथ में कौशल चाहिए काम की कमी नहीं है। इन्हें हम प्रशिक्षण तो दे रहे हैं काम भी देंगे।

सीएम ने कहा कि हमने जनभागीदारी से कोरोना की लड़ाई लड़ी। प्रदेश के चार हजार गांव में गौरव दिवस अब तक मनाया गया। समाज को जोड़कर परिवर्तन लाने का काम किया जा रहा है। आज डॉक्टर गांव में काम नही करना चाहते, जबकि आज हम उनकी 8-8 लाख उनकी फीस भर रहे हैं। जब तक दिल में तड़प ना हो कि अपने गांव, अपने प्रदेश को बदलने की, तब तक कुछ बदलने वाला नहीं है। सीएम शिवराज बोले कि मैं आप सबको शुभ समाचार देना चाहता हूं कि मध्यप्रदेश में तेजी से निवेश आ रहा है बेटे-बेटियों को बड़ी संख्या में काम मिलेगा।

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