जबलपुर के बरगी डैम हादसे के बाद भी रीवा जिले के त्योंथर तहसील स्थित चिल्ला घाट पर सुरक्षा नियमों की अनदेखी जारी है। टमस नदी में बिना लाइफ जैकेट और सुरक्षा इंतजाम के नावों का संचालन किया जा रहा है। स्थानीय लोग, महिलाएं और छात्र-छात्राएं रोज जान जोखिम में डालकर नदी पार कर रहे हैं।
जबलपुर के बरगी डैम में हुए दर्दनाक क्रूज हादसे में कई लोगों की मौत के बाद भी रीवा जिला प्रशासन अब तक सबक लेता नजर नहीं आ रहा है। बरगी हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था, लेकिन इसके बावजूद त्योंथर तहसील के टमस नदी स्थित चिल्ला घाट पर खुलेआम सुरक्षा नियमों की अनदेखी की जा रही है।
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बिना सुरक्षा इंतजाम के चल रहीं नावें
चिल्ला घाट पर नावों का संचालन बिना किसी सुरक्षा व्यवस्था के किया जा रहा है। नाव में सफर कर रहे लोगों को न तो लाइफ जैकेट दी जा रही है और न ही अन्य सुरक्षा उपाय किए गए हैं। स्थिति यह है कि स्थानीय लोग, महिलाएं, पुरुष और कॉलेज के छात्र-छात्राएं रोज अपनी जान जोखिम में डालकर नदी पार करने को मजबूर हैं।
एक नाव में बैठाए जा रहे 10 से 15 लोग
स्थानीय लोगों के मुताबिक एक नाव में 10 से 15 लोगों को बैठाकर खतरनाक तरीके से नदी पार कराई जा रही है। ऐसे में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। लोगों का कहना है कि बरगी डैम हादसे के बाद प्रशासन को ज्यादा सतर्क होना चाहिए था, लेकिन यहां हालात पहले जैसे ही बने हुए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि इस गंभीर समस्या की शिकायत कई बार प्रशासनिक अधिकारियों से की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लगातार अनदेखी के कारण लोगों में प्रशासन के खिलाफ नाराजगी बढ़ती जा रही है।
छात्र अनूप सिंह चौहान ने बताया कि उन्हें रोज इसी तरह जान जोखिम में डालकर नाव से यात्रा करनी पड़ती है। उन्होंने कहा कि नाव में छोटे-छोटे बच्चों समेत कई लोग बिना किसी सुरक्षा उपकरण के सफर करते हैं, जिससे हमेशा डर बना रहता है। मामले पर नायब तहसीलदार वीरेंद्र द्विवेदी ने कहा कि यदि इस तरह की अव्यवस्था सामने आई है, तो एसडीईआरएफ को सूचना देकर जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि नियमों के विरुद्ध नाव संचालन पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।