मऊगंज जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना की धीमी प्रगति और प्रशासनिक लापरवाही को लेकर रीवा कलेक्टर संजय कुमार जैन ने सख्त रुख अपनाया है। योजना के क्रियान्वयन में गंभीर ढिलाई को देखते हुए उन्होंने जिले के सात अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिनों के भीतर स्पष्ट जवाब मांगा है। कलेक्टर ने दो टूक कहा कि केंद्र सरकार की प्राथमिकता वाली इस महत्वपूर्ण योजना में कोई भी लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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जवाबदेही तय करने की दिशा में प्रशासनिक सख्ती
जिन अधिकारियों को नोटिस जारी किया गया है, उनमें नईगढ़ी जनपद पंचायत की सीईओ कल्पना यादव, मऊगंज के प्रभारी सीईओ राम कुशल मिश्रा, हनुमना के प्रभारी सीईओ जगदीश राजपूत, मऊगंज जनपद के वित्तीय प्रभारी अवध बिहारी खरे, विकासखंड स्रोत समन्वयक संतोष पांडेय, प्रतिभा सिंह और आरिफ रजा अंसारी शामिल हैं।
इन अधिकारियों पर प्रधानमंत्री आवास योजना के नवीन लक्ष्य के अनुसार प्रथम किश्त की राशि समय पर न जारी करने, समग्र सीडिंग की प्रक्रिया में अपेक्षित प्रगति न होने जैसी गंभीर लापरवाहियों का आरोप है। कलेक्टर ने नोटिस में स्पष्ट किया है कि यदि तीन दिनों के भीतर इन अधिकारियों द्वारा संतोषजनक उत्तर नहीं दिया गया, तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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प्राथमिक योजनाओं में ढिलाई को नहीं दी जाएगी छूट
कलेक्टर जैन ने स्पष्ट रूप से कहा है कि प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी आमजन की मूलभूत आवश्यकता से जुड़ी योजना में कोताही क्षम्य नहीं है। उन्होंने प्रशासनिक अमले को यह संदेश दिया है कि विकास योजनाओं में लक्ष्य की पूर्ति, पारदर्शिता और समयबद्ध क्रियान्वयन सबसे पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।