आरोपी की तलाश में दबिश दी जा रही है।
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रीवा मे अपराधियों के हौसले अब इतने बुलंद हो चुके हैं कि न्यायपालिका तक को निशाना बनाने लगे हैं। रीवा जिले में पदस्थ एक न्यायाधीश को धमकी भरा स्पीड पोस्ट भेजा गया है, जिसमें उनसे पांच अरब रुपये की फिरौती की मांग की गई है। इस घटना ने पूरे जिले में सनसनी फैला दी है और न्यायिक व्यवस्था की सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मामला त्योंथर तहसील के प्रथम व्यवहार न्यायाधीश मोहिनी भदौरिया से जुड़ा है। न्यायाधीश के नाम प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) से आए एक स्पीड पोस्ट ने न्यायालय परिसर में हड़कंप मचा दिया। इस पत्र में लिखा गया था कि यदि “जिंदा रहना है तो 5 अरब रुपये देने होंगे।” इतना ही नहीं, पत्र भेजने वाले ने खुद को कुख्यात डकैत हनुमान गिरोह का सदस्य बताते हुए न्यायाधीश को सीधे धमकाया कि यह रकम उत्तर प्रदेश के बड़गड जंगल में पहुंचानी होगी और रकम खुद न्यायाधीश को लेकर आनी होगी।
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धमकी भरा पत्र मिलते ही बढ़ाई सुरक्षा
धमकी भरा पत्र आते ही न्यायाधीश ने इसकी सूचना तत्काल सोहागी थाना पुलिस को दी। पुलिस ने पत्र को गंभीरता से लेते हुए आरोपी के खिलाफ BNS की धारा 308(4) के तहत मामला दर्ज किया है। इसके साथ ही न्यायाधीश की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है। पुलिस विभाग ने उनकी सुरक्षा में एक अतिरिक्त गनमैन तैनात किया है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना से बचा जा सके।
आरीपी की पहचान, गिरफ्त से बाहर
इधर, रीवा पुलिस ने पत्र भेजने वाले की पहचान कर ली है। आरोपी की पहचान प्रयागराज जिले के लोहगारा थाना क्षेत्र निवासी संदीप सिंह के रूप में हुई है। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए उत्तर प्रदेश में दबिश भी दी है। हालांकि, अभी तक आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर है लेकिन अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही उसे हिरासत में ले लिया जाएगा।
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लगातार दी जा रही दबिश
एसपी विवेक सिंह ने पूरे मामले पर जानकारी देते हुए कहा कि यह घटना बेहद संवेदनशील है। आरोपी की पहचान हो चुकी है और उसकी तलाश में टीमें लगातार जुटी हुई हैं। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर पूरे मामले का राजफाश किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि न्यायपालिका की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी स्थिति में लापरवाही नहीं बरती जाएगी।