जेल परिसर में फंदे पर झूला प्रधान आरक्षक
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रीवा केंद्रीय जेल में पदस्थ प्रधान आरक्षक रामानंद पटेल ने जेल परिसर स्थित गौशाला में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस को मृतक की जेब से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसे जब्त कर जांच के लिए भेजा गया है।
परिजनों ने आरोप लगाया है कि जेल अधीक्षक और उप अधीक्षक द्वारा लगातार प्रताड़ित किए जाने से परेशान होकर उन्होंने यह कदम उठाया। पुलिस सुसाइड नोट के आधार पर पूरे मामले की जांच कर रही है।
मृतक 56 वर्षीय रामानंद पटेल पिछले 25 वर्षों से रीवा जेल में पदस्थ थे। जानकारी के अनुसार उनकी ड्यूटी दोपहर 12 बजे समाप्त हुई थी और वे घर जाने के लिए निकले थे लेकिन घर पहुंचने से पहले ही उन्होंने जेल परिसर की गौशाला में फांसी लगा ली।
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घटना की जानकारी मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे, जहां उनका रो-रोकर बुरा हाल हो गया। मृतक की पत्नी विमला पटेल ने आरोप लगाया कि पिछले एक महीने से उनके पति को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। उन्होंने कहा कि अधिकारी घर तक आकर उन्हें परेशान करते थे, जिससे वे मानसिक रूप से बेहद परेशान थे।
पुलिस को मौके से सुसाइड नोट भी मिला है, हालांकि उसमें क्या लिखा है इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है और सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।