मध्यप्रदेश के रीवा जिले के मऊगंज में कोरोना संक्रमित मिलने के कारण एक मोहल्ले में माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाया गया था। बस्ती में बैरिकेड लगाकर इलाका सील कर दिया गया। दरअसल एक गोलगप्पे वाले की वजह से बस्ती के 25 से ज्यादा लोग संक्रमित हो गए थे। इसी दौरान एक मकान की छत से गिरने के कारण एक लड़की घायल हो गई। जब उसे अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस बुलाई गई तो वह सुबह से रात तक नहीं आई। थक हारकर पिता उसे हाथ ठेले में लेकर रात नौ बजे सिविल अस्पताल पहुंचे।
घटना शनिवार की है। सुबह करीब नौ बजे एक लड़की घर की छत से गिर गई थी। पिता ने अस्पताल ले जाने के लिए एम्बुलेंस के लिए कॉल किया। आश्वासन भी दिया गया, लेकिन रात तक सुध नहीं ली गई। दिनभर वह दर्द से तड़पती रही। रास्ते बंद होने के कारण मोहल्ले से न वह जा सकते थे और न इलाके में कोई आने के लिए तैयार था।
दरअसल, मऊगंज नगर पंचायत क्षेत्र के वार्ड पांच में गोलगप्पे वाले ने इस कदर संक्रमण बांटा कि 25 से ज्यादा लोग संक्रमित हो गए थे। इस कारण प्रशासन ने वार्ड पांच व छह को कंटेनमेंट जोन घोषित कर सारे रास्ते बंद कर दिए। कोई घर से नहीं निकल सका।
आरोप है, दर्द से कराह रही बेटी का पिता नगर पंचायत से लेकर मोहल्ले के जागरूक लोगों से भी मदद मांगी, पर कोई अस्पताल ले जाने के लिए तैयार नहीं हुआ। सभी ने कहा कि कंटेनमेंट जोन का उल्लंघन कर कौन मुसीबत मोल लेगा।