मध्यप्रदेश के दमोह की पथरिया विधायक रामबाई सहित तीन पार्षदों पर नगर पंचायत अध्यक्ष ने विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कराया था। उसके बाद अब विधायक प्रतिनिधि ने अध्यक्ष के भाई और भतीजे पर मामला दर्ज कराया है। वहीं, नगर पंचायत सीएमओ ज्योति सुसनेरे ने इस बात को नकार दिया है कि विधायक ने किसी शासकीय कार्य में बाधा पंहुचाई है। उन्होंने थाना प्रभारी को 10 बिंदुओं का पत्र लिखा है।
यह था पूरा घटनाक्रम
पथरिया से बीएसपी विधायक रामबाई परिहार सोमवार को पथरिया के नगर परिषद कार्यालय पहुंचीं थी। वहां उन्होंने उन पर सड़क निर्माण करने वाले ठेकेदार शिवराम पटेल से पांच लाख रुपये मांगे जाने के आरोप के मामले में नगर पंचायत अध्यक्ष सुंदर लाल विश्वकर्मा और उनके भाई जय कुमार विश्वकर्मा से बातचीत की। इस बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया और रामबाई ने अपने गनमैन की गन छुड़ाने का भी प्रयास किया था।
इस बारे में अध्यक्ष सुंदरलाल विश्वकर्मा का आरोप था कि विधायक रामबाई ने ठेकेदार से सड़क निर्माण करने के नाम पर पांच लाख रुपये की राशि की मांग की है। इस बात की जानकारी ठेकेदार ने नगर परिषद अध्यक्ष को दी थी। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया। लेकिन विधायक रामबाई के सामने ठेकेदार इस बात से मुकर गया। इस बात को लेकर मामला इतना बढ़ा कि गाली-गलौज तक बात बढ़ गई। इस दौरान विधायक रामबाई परिहार द्वारा अपने गनमैन की गन छीनने का भी प्रयास किया गया। इस बात पर नगर परिषद अध्यक्ष सुंदरलाल विश्वकर्मा के भाई जयकुमार खड़े होकर लड़ने के लिए उतारू हो गया। इस बीच नगर पालिका सीएमओ ज्योति सुसनेरे ने मामले को शांत करने का प्रयास किया और उपस्थित लोगों के बीच-बचाव करने पर मामला शांत हुआ।
विधायक रामबाई का आरोप है कि नगर परिषद अध्यक्ष द्वारा सड़क निर्माण में ठेकेदार की मिलीभगत के चलते सड़क गुणवत्ता ठीक तरह से नहीं की गई। इस पर उन्होंने ठेकेदार से इस मामले में गुणवत्ता विहीन सड़क बनाने का आरोप लगाते हुए सड़क को सही तरीके से बनाने की बात कही थी। इसी बात को लेकर नगर परिषद अध्यक्ष नाराज थे जिस पर विवाद हो गया।
वहीं, नगर परिषद अध्यक्ष सुंदरलाल विश्वकर्मा ने पुलिस थाना में जो शिकायत दर्ज कराई है। उसमें कहा है कि मैं अपने कार्यालय में बैठा था कि उसी दौरान विधायक रामबाई परिहार और पार्षद राकेश साहू, प्रवीण जैन, सुनील सराफ आए। फिर कहने लगे कि विधायक को देखकर तुम खड़े क्यों नहीं हुए, जिस बात पर लेकर उन्होंने अध्यक्ष से गाली-गलौज की और उनकी टेबल पर रखे हुए शासकीय दस्तावेज फाड़ कर फेंक दिए। इसके बाद उनके भाई के आ जाने पर भी उन्होंने अभद्र व्यवहार किया और जान से मारने की धमकी दी। इस आवेदन पर पथरिया पुलिस द्वारा विधायक रामबाई परिहार, राकेश साहू, प्रवीण जैन, सुनील सराफ के खिलाफ धारा 352, 427, 294, 506, 34 आईपीसी के तहत मामला दर्ज करवाया है।
विधायक प्रतिनिधि ने दर्ज कराया मामला
दूसरी ओर, मंगलवार को विधायक प्रतिनिधि भूपेंद्र सोनी द्वारा थाना प्रभारी को शिकायत कर बताया गया कि वह कुछ स्थानीय समस्याओं को लेकर सीएमओ से चर्चा करने नगर पंचायत गए हुए थे। उस दौरान पार्षद प्रवीण जैन, राकेश साहू, सुनील सराफ, हर प्रसाद अहिरवार और योगेश चौधरी के साथ कुछ मुद्दों पर बातचीत कर रहे थे। इसी बीच सीएमओ ज्योति सुसनेर की मौजूदगी में ही नगर परिषद अध्यक्ष सुंदर लाल विश्वकर्मा के भाई जयकुमार विश्वकर्मा और भतीजे आशीष विश्वकर्मा द्वारा अभद्र व्यवहार तथा गाली-गलौज की गई। साथ ही कहा कि आज के बाद नगर पंचायत परिसर में दिखाई दिए तो जान से मार देंगे। इस मामले में शिकायत के बाद पथरिया पुलिस ने जय कुमार विश्वकर्मा और सोनू विश्वकर्मा के खिलाफ धारा 294,352, 506, 34 के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
सीएमओ ने भी पुलिस को लिखा पत्र
इस मामले में नगर पंचायत पथरिया की सीएमओ ज्योति सुसनेरे ने थाना प्रभारी को पत्र लिखते हुए 10 बिंदुओं की जानकारी से अवगत कराया है। पत्र में कहा गया है कि सोमवार को घटित घटना उनके कक्ष में घटित हुई। इसमें विधायक और पार्षद गण नगर में होने वाले नवीन कार्यों के संबंध में चर्चा करने आए थे। वार्ड नंबर 10 के पार्षद पहले से ही सीएमओ के कक्ष में बैठे हुए थे। नगर परिषद अध्यक्ष के भाई जय कुमार विश्वकर्मा ने अचानक आकर विधायक और पार्षदों से बहस शुरू कर दी और दोनों में आपसी कहासुनी बढ़ गई।
पत्र में कहा गया है कि जय कुमार विश्वकर्मा नगर परिषद में किसी भी प्रकार की जिम्मेवारी और दायित्व पर नहीं है। सोमवार को घटित घटना के समय नगर पंचायत अध्यक्ष सुंदरलाल विश्वकर्मा सीएमओ के कक्ष में उपस्थित नहीं थे। वे अपने कक्ष में बैठे हुए थे। इस घटना में किसी भी प्रकार के शासकीय दस्तावेजों का नुकसान नहीं हुआ है। नगर पंचायत अध्यक्ष से किसी भी प्रकार की झड़प किसी भी व्यक्ति द्वारा नहीं की गई। अध्यक्ष के भाई जय कुमार विश्वकर्मा उनके भतीजे सोनू विश्वकर्मा के साथ कई असामाजिक तत्व प्रतिदिन कार्यालय में आकर बैठते हैं और शासकीय कार्यों में व्यवधान उत्पन्न करते हैं।
पत्र में यह भी कहा गया है कि ठेकेदार शिवराम पटेल ने वीडियो में खुद स्वीकार किया है कि विधायक द्वारा पांच लाख रुपये की किसी भी तरह की रिश्वत नहीं मांगी गई। लेकिन जय कुमार विश्वकर्मा के द्वारा उक्त झूठे आरोप लगाने पर यह विवाद की स्थिति निर्मित हुई। इस पत्र के थाना प्रभारी को दिए जाने के बाद मामला और भी बढ़ गया है। इस पत्र की प्रति सीएमओ द्वारा कलेक्टर को भी भेजी गई है।