फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

इंदौर : कोविड-19 से बचाव के उपायों के साथ छह महीने बाद खुले धर्मस्थल

Tue, 29 Sep 2020 02:30 PM IST
Tanuja Yadav न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
विज्ञापन
खजराना गणेश मंदिर (फाइल फोटो) - फोटो : Social media
विज्ञापन

कोविड-19 के प्रकोप के चलते यहां पिछले छह महीने से बंद धर्मस्थल महामारी से बचाव के उपायों के साथ दोबारा खुले, जिसके बाद प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ देखी गई। अधिकारियों ने बताया कि जिलाधिकारी मनीष सिंह ने धर्मस्थलों को दोबारा खोलने के लिए सोमवार देर शाम इस शर्त के साथ मंजूरी दी कि श्रद्धालुओं और पुजारियों को महामारी से बचाव के दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा।

विज्ञापन



उन्होंने बताया कि मंदिरों के गर्भगृह में श्रद्धालुओं के प्रवेश की मनाही रहेगी। चश्मदीदों ने बताया कि प्रशासन की हरी झंडी के बाद शहर के खजराना गणेश मंदिर में मंगलवार सुबह नौ बजे से दर्शन प्रारंभ हुए और शारीरिक दूरी के नियम के पालन के साथ भक्तों को प्रवेश दिया गया।

मंदिर के मुख्य पुजारी अशोक भट्ट ने बताया कि मास्क पहनकर आने वाले श्रद्धालुओं को ही धर्मस्थल में प्रवेश दिया जा रहा है। मंदिर में प्रवेश से पहले थर्मल स्क्रीनिंग के जरिये उनके शरीर का तापमान भी जांचा जा रहा है। भट्ट ने बताया कि कोविड-19 के प्रकोप के मद्देनजर श्रद्धालुओं के लिए खजराना गणेश मंदिर के पट हर रोज सुबह नौ बजे खुलेंगे और शाम सात बजे बंद हो जाएंगे।
विज्ञापन


उन्होंने बताया कि शाम की आरती खजराना गणेश मंदिर के पुजारी ही करेंगे। इसमें श्रद्धालुओं को शामिल नहीं किया जाएगा। इस बीच, शहर के रणजीत हनुमान मंदिर में मंगलवार सुबह छह बजे से दर्शन प्रारंभ हुए। मंदिर प्रबंधन से जुड़े एक व्यक्ति ने बताया कि इस धर्मस्थल के मुख्य द्वार पर साबुन और सैनिटाइजर की व्यवस्था की गई है।

उन्होंने बताया कि मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं को शारीरिक दूरी के साथ कतार में खड़ा रखने के लिए फर्श पर छह-छह फुट की दूरी पर गोले बनाए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि प्रशासन के आदेश में यह भी कहा गया है कि धर्मस्थलों में चलने वाले भोजों में भी श्रद्धालुओं को एक-दूसरे से छह-छह फुट की दूरी बनाकर रखनी होगी।

इंदौर, राज्य में कोविड-19 से सबसे ज्यादा प्रभावित जिला है और प्रशासन ने धर्मस्थल दोबारा खोलने की अनुमति ऐसे वक्त दी है जब जिले में महामारी का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक जिले में अब तक महामारी के 23,524 मरीज मिले हैं। इनमें से 558 मरीजों की मौत हो चुकी है।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें