देशभर में सनातन धर्म की आस्था के एक बड़े प्रतीक के रूप में स्थापित श्री राम जन्मभूमि मंदिर में इन दिनों चंदे को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। इसी बीच इस मुद्दे पर मध्य प्रदेश सरकार के पर्यटन एवं धर्मस्व मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने कहा है कि मध्यप्रदेश के मंदिरों की व्यवस्था को पारदर्शी बनाया जाएगा। अन्य राज्यों के बड़े मंदिरों की व्यवस्था का अध्ययन करने के लिए एक कमेटी बनाई जाएगी। उसके बाद यहां की व्यवस्थाएं बदली जाएगी।
राम मंदिर विवाद के बाद MP के मंदिरों में बढ़ेगी पारदर्शिता
मीडिया से चर्चा के दौरान मंत्री लोधी ने माना कि इस विवाद के बाद मंदिरों में पारदर्शी व्यवस्था आवश्यक है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में उनकी मुख्यमंत्री मोहन यादव से चर्चा हुई है। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार देश के प्रमुख और सुव्यवस्थित मंदिरों के मॉडल का अध्ययन कर मध्य प्रदेश में भी बेहतर व्यवस्थाएं लागू की जाएंगी।
बड़े मंदिरों की कार्यप्रणाली का होगा अध्ययन
मंत्री ने बताया कि इसके लिए एक विशेष टीम गठित की जाएगी, जो देश के प्रमुख मंदिरों की व्यवस्थाओं का अध्ययन करेगी। अध्ययन के आधार पर प्रदेश के मंदिरों में प्रशासनिक, वित्तीय और प्रबंधन संबंधी सुधार लागू किए जाएंगे।
ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग में भी बदलेगी व्यवस्था
खंडवा जिले की तीर्थनगरी ओंकारेश्वर स्थित ज्योतिर्लिंग मंदिर में भी दान और प्रबंधन व्यवस्था को लेकर समय-समय पर उठने वाले सवालों के बीच मंत्री ने संकेत दिए कि यहां भी नई व्यवस्था लागू की जाएगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि देश के सफल मंदिर मॉडलों का अध्ययन कर उन्हें ओंकारेश्वर सहित प्रदेश के अन्य प्रमुख मंदिरों में लागू किया जाए।
'राम को काल्पनिक बताने वाले अब चंदे पर सवाल उठा रहे'
प्रदेश के धर्मस्व मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने कहा कि विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है। इन्होंने ही राम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा का आमंत्रण ठुकरा दिया था। एक समय यही लोग रामसेतु को तोड़ने के लिए नोटिफिकेशन लेकर आए थे और इन्होंने ही कहा था कि भगवान राम काल्पनिक हैं। ऐसे लोगों की बातों पर उन्हें हंसी आती है।
सपा पर साधा निशाना
समाजवादी पार्टी द्वारा चंदा मामले की जांच की मांग और किए जा रहे विरोध पर मंत्री लोधी ने कहा कि समाजवादी पार्टी का हिंदू धर्म से कोई लेना-देना नहीं है। विपक्ष केवल राजनीतिक लाभ लेने के लिए इस मुद्दे को उछाल रहा है।
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जांच रिपोर्ट पर टिकी निगाहें
उल्लेखनीय है कि अयोध्या स्थित श्री राम मंदिर में चंदा प्रबंधन को लेकर उठे विवाद पर समाजवादी पार्टी सहित कई विपक्षी दल लगातार सवाल उठा रहे हैं और जांच की मांग कर रहे हैं। मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी की रिपोर्ट पर भी सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।